Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Ganga-Yamuna Expressway Link: यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे, 16 गांवों की 740 एकड़ ज... Bilaspur Crime News: बिलासपुर में सराफा कारोबारी से बड़ी उठाईगिरी, बाइक सवार तीन लुटेरों ने दिनदहाड़... Devi Ahilyabai Holkar Airport News: इंदौर एयरपोर्ट का होगा कायाकल्प: 1 करोड़ यात्री क्षमता के लिए अप... Railway News Update: होली पर कंफर्म टिकट की टेंशन खत्म! रेलवे ने चलाई फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें, आज से... Gwalior News Update: सवर्ण समाज का ग्वालियर में शक्ति प्रदर्शन: आरक्षण और UGC के मुद्दों पर लामबंद ह... Shocking Incident: 5 दिनों तक मां की लाश के साथ रहा परिवार, पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो मंजर देख रह गई ... भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा प्रोजेक्ट! 2600 करोड़ की सड़क बनने से पहले ही धंसी, ओवरब्रिज की दीवारों पर आ... त्योहारों पर 'मौत' का सामान! गंदगी में बन रहे थे 1600 किलो गुलाब जामुन, प्रशासन की छापेमारी से मिलाव... Gwalior Board Exam 2026: ग्वालियर में 150 छात्रों को दिए गए गलत पेपर, परीक्षा केंद्र पर 2 घंटे तक चल... MP Road Accident News: मध्य प्रदेश में भीषण सड़क हादसा: नेशनल हाईवे 719 पर बस और वैन की जोरदार भिड़ं...

इंसानियत शर्मसार! डार्क वेब पर मासूमों का सौदा करने वाले पति-पत्नी को फांसी, 47 देशों तक फैला था गंदा खेल; जानें कैसे चढ़े पुलिस के हत्थे

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की एक अदालत ने शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाले मामले में फैसला सुनाते हुए चित्रकूट के निलंबित जूनियर इंजीनियर रामभवन कुशवाहा और उनकी पत्नी दुर्गावती को मौत की सजा सुनाई. यह मामला बच्चों के यौन शोषण, अश्लील वीडियो और तस्वीरें बनाने तथा उन्हें डार्कवेब पर बेचने से जुड़ा है, जिसमें 34 मासूम बच्चे शिकार बने, 74 गवाहों की गवाही हुई और 47 देशों का अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आया.

बांदा अदालत के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी महिला को फांसी की सजा सुनाई गई है. मामले की शुरुआत 31 अक्टूबर 2020 को हुई, जब इंटरपोल ने दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय को एक विस्तृत ई-मेल भेजकर शिकायत दर्ज की. शिकायत में बताया गया कि आरोपी रामभवन तीन अलग-अलग मोबाइल नंबरों से डार्कवेब के जरिए बच्चों के अश्लील वीडियो और फोटो 47 देशों में बेच रहा था. इंटरपोल, जो 195 देशों में सक्रिय है, की यह शिकायत बाल यौन शोषण के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह के पर्दाफाश की दिशा में पहला कदम साबित हुआ. सीबीआई ने तुरंत प्राथमिकी दर्ज की और जांच शुरू की.

दरिंदगी के 34 वीडियो और 679 तस्वीरें

नवंबर 2020 में सीबीआई की टीम ने बांदा के नरैनी कस्बे में रामभवन और दुर्गावती को गिरफ्तार किया. उनके पास से एक पेन ड्राइव मिली, जिसमें 34 वीडियो और 679 तस्वीरे थीं. जांच में पता चला कि आरोपी बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर और आसपास के इलाकों से तीन साल तक के छोटे बच्चों को निशाना बनाते थे. वे बच्चों का यौन शोषण करते हुए वीडियो और फोटो बनाते थे और इन्हें डार्कवेब, सोशल मीडिया साइट्स, वीडियो प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइटों पर बेचते थे.

74 गवाहों को किया गया था पेश

सीबीआई के सेवानिवृत्त अपर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने इस मामले की जांच की, जिसने पूरे समाज को झकझोर दिया और मानवता को शर्मसार किया. अदालती कार्रवाई के दौरान 5 जून 2023 से 74 गवाहों को पेश किया गया, जिनमें 24 पीड़ित बच्चे भी शामिल थे. इन बच्चों की गवाही ने मामले की गंभीरता को और उजागर किया. सीबीआई के लोक अभियोजक दारा सिंह मीणा ने बताया, “इंटरपोल से मिली तीन ई-मेल शिकायतों के बाद हमने महीनों तक गहन जांच की. हमने ऐसे पुख्ता सबूत जुटाए जो साबित करते हैं कि आरोपी इस जघन्य अपराध में पूरी तरह लिप्त थे.

दोषियों को मिली फांसी की सजा

बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रदीप कुमार मिश्रा ने फैसला सुनाया. उन्होंने कहा कि यह अपराध इतना घिनौना है कि मौत की सजा ही न्यायसंगत है. बांदा अदालत ने पहले भी हत्या, अपहरण और गैंग रेप जैसे मामलों में करीब 23 लोगों को फांसी की सजा सुनाई है, लेकिन किसी महिला को यह सजा पहली बार मिली है. पिछले छह महीनों में जज मिश्रा की अदालत ने तीन मामलों में चार दोषियों को मौत की सजा सुनाई है, जिसमें यह महिला आरोपी भी शामिल है. यह मामला न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश में बाल यौन शोषण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मिसाल बनेगा.