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एडीआर द्वारा जारी नई रिपोर्ट में फिर हुआ खुलासा

भाजपा को सबसे ज्यादा मिला चुनावी चंदा

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स द्वारा जारी एक नई रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024–25 के दौरान चुनावी ट्रस्टों ने राजनीतिक दलों को कुल 3,826 करोड़ रुपये का चंदा वितरित किया है। इस रिपोर्ट में भारतीय चुनाव आयोग के पास जमा किए गए योगदान विवरणों का विश्लेषण किया गया है, जिससे भारतीय राजनीति में धन के प्रवाह और सत्ताधारी दल की मजबूत स्थिति का पता चलता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस वित्तीय वर्ष में पंजीकृत चुनावी ट्रस्टों को कुल 3,826.34 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जिसमें से उन्होंने 3,826.35 करोड़ रुपये वितरित कर दिए। यह वितरण चुनावी ट्रस्टों के लिए निर्धारित उन नियमों के अनुरूप है, जिसके तहत उन्हें सालाना अपनी कुल आय का कम से कम 95 प्रतिशत हिस्सा राजनीतिक दलों को दान करना अनिवार्य होता है।

कुल 20 पंजीकृत चुनावी ट्रस्टों में से 10 ने दान प्राप्त करने की जानकारी दी है। हालांकि, पांच ट्रस्टों की रिपोर्ट समय सीमा बीतने के तीन महीने बाद भी चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं थी। चंदे की हिस्सेदारी के मामले में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी सबसे आगे रही। कुल वितरित राशि का 82.52 प्रतिशत यानी 3,157.65 करोड़ रुपये अकेले भाजपा के खाते में गए।

कांग्रेस इस सूची में दूसरे स्थान पर रही, लेकिन भाजपा की तुलना में यह अंतर काफी बड़ा है। कांग्रेस को कुल 298.78 करोड़ रुपये (7.81 प्रतिशत) प्राप्त हुए। तृणमूल कांग्रेस को 102 करोड़ रुपये (2.67 प्रतिशत) का चंदा मिला। बाकी के 19 राजनीतिक दलों के बीच कुल 267.92 करोड़ रुपये की राशि साझा की गई।

फंड वितरण के मामले में प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट सबसे प्रभावी रहा, जिसने 15 विभिन्न दलों को 2,668.46 करोड़ रुपये वितरित किए। इसके बाद प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट का स्थान रहा, जिसने 10 दलों को 914.97 करोड़ रुपये का दान दिया। यह आंकड़े बताते हैं कि कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत चंदा इन ट्रस्टों के माध्यम से मुख्य रूप से बड़ी पार्टियों की ओर प्रवाहित हो रहा है।