Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
ब्रिटेन में कीर स्टार्मर सरकार पर फिर से गहराया राजनीतिक संकट थाईलैंड की राजकुमारी बज्रकीतियाभा का निधन तालिबान ने कहा सोते हुए ग्यारह बच्चे मारे गये रात में निकाल लिये सौ मिलियन बैरल तेलः ट्रंप Kejriwal Bathinda Road Show: 2027 में भगवंत मान का दोबारा सीएम बनना तय; बठिंडा में बोले अरविंद केजरी... Delhi CM Tribute: मालवीय नगर अग्निकांड और साकेत हादसे के पीड़ितों को CM रेखा गुप्ता ने दी श्रद्धांजल... Ajmera Group Money Laundering Case: निवेशकों के लिए बड़ी राहत; कोर्ट ने 8.41 करोड़ की संपत्ति लौटाने ... DRDO Missile Test: भारत की बढ़ी मारक क्षमता; DRDO ने किया बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस और एंटी-शिप मिसाइल ... Punjab BJP Strategy Meeting: दिल्ली में अमित शाह के साथ बीजेपी का बड़ा मंथन; विधानसभा चुनावों के लिए ... Begusarai Police Action: आबकारी सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले नकल गिरोह का पर्दाफाश; 38 वॉकी-टॉकी और ...

Dhamtari News: धमतरी अस्पताल में डॉक्टर-स्टाफ नदारद, समय पर पहुंचने के बाद भी मरीज की मौत

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के अंतिम छोर पर बसे बोराई गांव में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली ने एक युवक की जान ले ली. सड़क हादसे में घायल एक युवक को जब ग्रामीण इलाज के लिए सिविल अस्पताल बोराई लेकर पहुंचे, तो वहां न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही स्टाफ. समय पर उपचार न मिलने के कारण युवक ने अस्पताल परिसर में ही दम तोड़ दिया, जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को अस्पताल में रखकर रात भर भारी हंगामा और प्रदर्शन किया.

घटना रविवार देर रात की है. बोराई-घुटकेल मार्ग पर एक बाइक सवार युवक बेसुध हालत में सड़क पर पड़ा मिला था. सूचना मिलते ही बोराई थाना पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाई और घायल युवक को तुरंत सिविल अस्पताल बोराई पहुंचाया. ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अस्पताल में प्राथमिक उपचार मिलने से युवक की जान बच जाएगी, लेकिन वहां का नजारा देख सब दंग रह गए. अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह ठप थीं और ड्यूटी पर कोई भी जिम्मेदार डॉक्टर या कर्मचारी मौजूद नहीं था.

अस्पताल परिसर में शव रखकर प्रदर्शन

उपचार के अभाव में तड़प-तड़प कर दम तोड़ने वाले युवक की पहचान ओडिशा के खिलौली निवासी अग्नु राम विश्वकर्मा के रूप में हुई है. युवक की मौत से नाराज ग्रामीणों का सब्र टूट गया और उन्होंने रात 11 बजे से ही अस्पताल के मुख्य गेट पर धरना दे दिया. ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासनिक असंवेदनशीलता पर गंभीर सवाल उठाए.

‘क्या इमरजेंसी केवल कागजों में चलती है?’

धरने का नेतृत्व कर रहे पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज साक्षी ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा- जब सिविल अस्पताल में आपातकालीन समय पर डॉक्टर ही नहीं मिलेंगे, तो आम जनता कहां जाएगी? क्या इमरजेंसी सेवाएं केवल कागजों तक सीमित हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि घटना की जानकारी फोन पर संबंधित उच्च अधिकारियों को दी गई, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा.

वनांचल में स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल

ग्रामीणों का कहना है कि इस वनांचल इलाके में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली लंबे समय से बनी हुई है. इसके खिलाफ कई बार शिकायतें, ज्ञापन और आंदोलन किए जा चुके हैं, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ. ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक अस्पताल में 24 घंटे डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित नहीं की जाती और इस घटना की जवाबदेही तय नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा.

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और नदारद स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है.