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किसान समर्थक रुख के कारण हटना पड़ाः जयराम रमेश

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के बारे में कांग्रेस नेता का दावा

  • किसान पुत्र और विदाई समारोह पर सवाल

  • अमेरिका व्यापार समझौते पर भी प्रश्न किया

  • सरकार पहले ही कह चुकी है देश हित में

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव जयराम रमेश ने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के कार्यकाल की समाप्ति को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रमेश ने दावा किया कि जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया क्योंकि सरकार को उनका किसान समर्थक रुख पसंद नहीं आ रहा था।

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से आरोप लगाया कि एक किसान के बेटे होने के नाते धनखड़ ने किसानों के हक में आवाज उठाई, जो मोदी सरकार को नागवार गुजरी। रमेश के अनुसार, इसी कारण उन्हें 21 जुलाई, 2025 को अपने पद से हटने के लिए विवश किया गया।

कांग्रेस नेता ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि पद छोड़ने के इतने समय बाद भी उनके सम्मान में अब तक कोई आधिकारिक विदाई समारोह आयोजित नहीं किया गया है। उन्होंने इसे एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का अपमान करार दिया।

जयराम रमेश ने अपने आरोपों को भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि, प्रधानमंत्री ने अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौता कर लाखों भारतीय किसानों के हितों को दांव पर लगा दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा नीत सरकार ने अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजारों में आने की अनुमति दे दी है, जिससे स्थानीय किसानों को भारी नुकसान होगा।

हालांकि, सरकार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। सरकारी सूत्रों और आधिकारिक बयानों के अनुसार, अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते में भारतीय किसानों के हितों का पूरी तरह से ध्यान रखा गया है और सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित किए गए हैं। सरकार का कहना है कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को तूल दे रहा है।