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बिड़ला के खिलाफ प्रस्ताव पर 9 मार्च को चर्चा

विपक्ष ने हंगामा किया तो सरकार गिलोटिन का सहारा लेगी

  • विपक्ष को चेतावनी और संसदीय रणनीति

  • विवाद की पृष्ठभूमि: पहले सत्र का गतिरोध

  • लो. स. अध्यक्ष खुद सदन में नहीं आ रहे हैं

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः  केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को स्पष्ट किया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर 9 मार्च को सदन में चर्चा और मतदान होगा। रिजिजू ने बताया कि बजट सत्र का दूसरा हिस्सा, जो 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा, संसदीय दृष्टिकोण से अत्यंत रोचक होने वाला है, क्योंकि इसमें कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य और महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे।

मंत्री रिजिजू ने विपक्षी दलों को आगाह करते हुए कहा कि यदि उन्होंने सत्र के पहले हिस्से की तरह विरोध प्रदर्शन जारी रखा, तो यह अंततः उनके लिए ही हानिकारक साबित होगा। उन्होंने कहा, नियमों के अनुसार, स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव को पहले ही दिन लिया जाना अनिवार्य है। चर्चा के बाद उसी दिन वोटिंग भी होगी।

रिजिजू ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि विपक्ष सदन को चलने नहीं देता, तो सरकार गिलोयटिन (बिना चर्चा के विधायी कार्यों को पारित करना) का सहारा ले सकती है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि विपक्षी एकता में दरार आ सकती है, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस ने इस अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। उनके अनुसार, कई छोटे दल सदन की कार्यवाही रोकने के पक्ष में नहीं हैं क्योंकि वे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले अपने क्षेत्रीय मुद्दे उठाना चाहते हैं।

बजट सत्र के पहले हिस्से में भारी व्यवधान देखा गया था। विवाद तब शुरू हुआ जब 2 फरवरी को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण (मेमॉयर्स) के अंश उद्धृत करने से रोक दिया गया, जिसमें 2020 के भारत-चीन संघर्ष का संदर्भ था।

4 फरवरी को विपक्ष के हंगामे के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धन्यवाद प्रस्ताव पर अपना भाषण नहीं दे सके। 5 फरवरी को अभूतपूर्व तरीके से बिना प्रधानमंत्री के संबोधन के ही धन्यवाद प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। स्पीकर ओम बिरला ने दावा किया था कि उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री की सीट के पास अप्रत्याशित कृत्य कर सकते हैं, जिसके कारण उन्होंने पीएम को सदन में न आने की सलाह दी थी। हालाँकि, प्रियंका गांधी वाड्रा ने इन दावों का खंडन किया है। सदन में अमर्यादित व्यवहार के लिए विपक्ष के आठ सदस्यों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है।

पिछले सप्ताह, विपक्ष द्वारा पक्षपातपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाते हुए पद से हटाने का नोटिस दिए जाने के बाद, ओम बिरला ने स्वयं को पीठासीन अधिकारी की भूमिका से अलग कर लिया था। फिलहाल इसी वजह से वह सदन नहीं आ रहे हैं और सदन में विपक्ष का प्रहार दूसरे सांसद झेल रहे हैं।