सजीब वाजेद ने लगाया वोट चोरी का आरोप
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हिंसा और धमाकों के बीच मतदान संपन्न
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एक बीएनपी नेता की हिंसा में जान गयी
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डाक मतपत्रों की गिनती प्रारंभ हो गयी
ढाकाः बांग्लादेश में त्रयोदशी राष्ट्रीय संसद चुनाव और जुलाई चार्टर के कार्यान्वयन के लिए आयोजित जनमत संग्रह के दौरान व्यापक हिंसा, धांधली और वोट चोरी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पुत्र सजीब वाजेদ जॉय ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि आवामी लीग की अनुपस्थिति में बड़े पैमाने पर रिगिंग की गई है।
जॉय ने आरोप लगाया कि रात के अंधेरे में मतपत्रों पर मुहर लगाकर बक्से भरे गए, जो लोकतंत्र की हत्या के समान है। चुनाव के दौरान बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों में हिंसक घटनाएं हुईं। खुलना में जमात-ए-इस्लामी के समर्थकों और बीएनपी के बीच हुई झड़प में बीएनपी नेता मोहिबुज्जमां कोच्चि की जान चली गई। हालांकि, जमात ने इन आरोपों से इनकार किया है।
हिंसा का सिलसिला यहीं नहीं रुका; मुंशीगंज-3 निर्वाचन क्षेत्र के एक स्कूल केंद्र के सामने 10-12 ककटेल बमों का विस्फोट हुआ, जिससे मतदाताओं में हड़कंप मच गया। गोपालगंज-2 सीट पर भी एक मतदान केंद्र के पास बम धमाके हुए, जिसमें एक बच्चे सहित दो अंसार सदस्य घायल हो गए।
आवामी लीग के आधिकारिक फेसबुक पेज पर जारी एक बयान में सजीब वाजेद जॉय ने चुनाव को एक तमाशा करार देते हुए देशवासियों से इसे पूरी तरह बहिष्कृत करने की अपील की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि जिस तरह से संविधान बदलने की आड़ में जनमत संग्रह कराया जा रहा है, वह देश की छवि को वैश्विक स्तर पर धूमिल कर रहा है। उन्होंने नारा दिया— नो बोट, नो वोट।
तमाम व्यवधानों के बीच मतदान संपन्न होने के बाद अब गिनती शुरू हो गई है। इस बार पहली बार प्रवासी बांग्लादेशियों को डाक मतपत्र के जरिए मतदान का अवसर मिला है। निर्वाचन आयोग को लगभग 6.48 लाख डाक मतपत्र प्राप्त हुए हैं। कुल 15.33 लाख से अधिक मतदाताओं ने डाक मतपत्र के लिए पंजीकरण कराया था, जिनमें जेल में बंद कैदी और चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारी भी शामिल हैं। हालांकि, कुमिल्ला जैसे क्षेत्रों में सेना और बीजीबी की तैनाती के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और मतदान प्रक्रिया पूरी की गई।