दुनिया में पर्यावरण संरक्षण और संबंधों पर जोर
रियाद: ब्रिटेन के प्रिंस ऑफ वेल्स, विलियम ने सऊदी अरब की अपनी तीन दिवसीय ऐतिहासिक यात्रा का सफलतापूर्वक समापन कर लिया है। यह न केवल उनकी इस साम्राज्य की पहली आधिकारिक यात्रा थी, बल्कि इसने ब्रिटेन और सऊदी अरब के बीच सदियों पुराने कूटनीतिक संबंधों को 21वीं सदी की चुनौतियों, विशेषकर जलवायु परिवर्तन के समाधान के लिए एक नई दिशा प्रदान की है।
अपनी यात्रा के अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण में, प्रिंस विलियम ने सऊदी अरब के एक प्रमुख प्रकृति संरक्षण रिजर्व का दौरा किया। यहाँ उन्होंने रेगिस्तानी पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए किए जा रहे आधुनिक प्रयासों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्होंने सऊदी अरब के विज़न 2030 की सराहना करते हुए कहा कि जिस तरह से यह देश अपनी हरित परियोजनाओं और जैव विविधता के संरक्षण पर निवेश कर रहा है, वह वैश्विक स्तर पर अनुकरणीय है। विशेष रूप से, रेगिस्तानी क्षेत्रों में वनीकरण और लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण की दिशा में किए गए कार्यों ने उन्हें बेहद प्रभावित किया।
प्रिंस विलियम ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ एक औपचारिक बैठक की। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु जलवायु परिवर्तन, हरित ऊर्जा और भविष्य की पीढ़ी के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित करना था। प्रिंस विलियम, जो अपने अर्थशॉट प्राइज़ के माध्यम से दुनिया भर में पर्यावरण नवाचारों को बढ़ावा दे रहे हैं, ने क्राउन प्रिंस के साथ इस बात पर चर्चा की कि कैसे दोनों देश मिलकर तकनीकी और वैज्ञानिक सहयोग को आगे बढ़ा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे के परिणाम केवल कूटनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं रहेंगे। यह यात्रा मध्य पूर्व और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ वैज्ञानिक अनुसंधान और सस्टेनेबल डेवलपमेंट (सतत विकास) के क्षेत्र में सहयोग के नए द्वार खोलेगी। प्रिंस विलियम ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।
इस यात्रा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ब्रिटेन और सऊदी अरब के संबंध अब पारंपरिक ऊर्जा क्षेत्रों से आगे बढ़कर हरित ऊर्जा और पर्यावरणीय स्थिरता की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहे हैं।