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भारत, रूसी तेल नहीं खरीदेगा सिर्फ ट्रंप से सुनाः लावारोव

भारत अमेरिका व्यापार समझौते पर रूसी विदेश मंत्री का बयान

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा। लावरोव ने रूसी संसद में स्पष्ट किया कि ट्रंप के अलावा किसी भी अन्य भारतीय नेता या प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है।

हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि भारत और अमेरिका के बीच एक नए व्यापार समझौते के तहत नई दिल्ली रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद करने पर सहमत हो गई है। इसके बदले में ट्रंप ने भारतीय सामानों पर लगाए गए 25 फीसद अतिरिक्त टैरिफ को वापस लेने का आदेश दिया था।

ट्रंप का तर्क है कि भारत अब रूस के बजाय अमेरिका और वेनेजुएला से अधिक ऊर्जा आयात करेगा। हालांकि, लावरोव ने इसे अमेरिका की दबाव वाली राजनीति करार दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत जैसे रणनीतिक सहयोगियों के व्यापारिक और सैन्य संबंधों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है ताकि वे सस्ता रूसी तेल छोड़कर महंगा अमेरिकी एलएनजी खरीदने पर मजबूर हो जाएं। इस पूरे विवाद पर भारत ने अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है कि वह रूस से तेल आयात पूरी तरह बंद कर देगा।

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया है कि व्यापार समझौते में यह तय नहीं होता कि कौन किससे क्या खरीदेगा। तेल खरीद का निर्णय बाजार की स्थितियों और कंपनियों के व्यावसायिक हितों पर निर्भर करता है। विदेश मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी संकेत दिया है कि भारत के लिए 1.4 अरब नागरिकों की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भारत वहीं से तेल खरीदेगा जहां उसे किफायती और विश्वसनीय आपूर्ति मिलेगी।

लावरोव ने दिसंबर 2025 में राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी और मजबूत हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए स्वतंत्र निर्णय लेने में सक्षम है और किसी बाहरी दबाव में नहीं आएगा।