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रीढ़ की हड्डी वाले जीवों के विकास का रहस्य

क्रमिक विकास की दौड़ में एक महत्वपूर्ण आनुवांशिक मोड़

  • दवा के विकास में जरूरी जानकारी है

  • दुनिया में पहले बिना रीढ़ वाले प्राणी थे

  • इंसान भी चार पैरों के बदले दो पैरों पर आया

राष्ट्रीय खबर

रांचीः सेंट एंड्रयूज विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने यह समझने में एक महत्वपूर्ण कड़ी खोजी है कि रीढ़ की हड्डी वाले (कशेरुकी) जीवों का विकास पहली बार कैसे हुआ। इस श्रेणी में स्तनधारी, मछली, सरीसृप और उभयचर शामिल हैं। यह शोध यह समझाने में मदद करता है कि कैसे कशेरुकी जीव अपने सरल पूर्वजों से विकसित और विविध हुए।

सभी जानवर जटिल सिग्नलिंग पाथवे (संकेत देने वाले मार्ग) पर निर्भर करते हैं, जो कोशिकाओं को एक-दूसरे के साथ संवाद करने की अनुमति देते हैं। ये मार्ग भ्रूण निर्माण और अंगों के विकास जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं का मार्गदर्शन करते हैं। ये सामान्य वृद्धि के लिए अनिवार्य हैं और उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) होने पर रोगों से भी जुड़े होते हैं, यही कारण है कि दवा विकास में इन्हें अक्सर लक्ष्य बनाया जाता है। इन मार्गों के केंद्र में विशेष प्रोटीन होते हैं जो यह तय करते हैं कि कोशिकाओं के भीतर संकेतों की व्याख्या कैसे की जाए। ये प्रोटीन नियंत्रण बिंदुओं के रूप में कार्य करते हैं, जो कोशिकाओं को विशिष्ट व्यवहार और जीन गतिविधि की ओर ले जाते हैं।

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शोधकर्ताओं ने समुद्री स्क्वर्ट, लैम्प्रे और मेंढक की एक प्रजाति से नए आनुवंशिक डेटा एकत्र किए। समुद्री स्क्वर्ट अकशेरुकी (बिना रीढ़ वाले) होते हैं, जो कशेरुकी जीवों के साथ अंतर पहचानने में सहायक हैं। लैम्प्रे कशेरुकियों की सबसे पुरानी शाखाओं में से एक है, जिससे यह पता लगाने में मदद मिली कि प्रमुख आनुवंशिक बदलाव पहली बार कब दिखाई दिए। कशेरुकी विकास के दौरान इन प्रोटीनों की पूरी श्रृंखला का मानचित्रण पहली बार संभव हो सका है। समुद्री स्क्वर्ट के विपरीत, लैम्प्रे और मेंढक दोनों ने व्यक्तिगत सिग्नलिंग जीन से प्रोटीन के कई और संस्करण तैयार किए।

शोधकर्ताओं का मानना है कि प्रोटीन की इस बढ़ी हुई विविधता ने ही कशेरुकी जीवों में जटिल ऊतकों और अंगों के निर्माण में योगदान दिया। मुख्य लेखक प्रोफेसर डेविड फेरियर ने कहा, यह देखना आश्चर्यजनक था कि कैसे इन विशेष जीनों का व्यवहार अन्य जीनों से बिल्कुल अलग था। यह समझना रोमांचक होगा कि ये विभिन्न प्रोटीन रूप कशेरुकियों में कोशिका प्रकारों की विविधता पैदा करने के लिए कैसे काम करते हैं। यह खोज न केवल विकासवादी इतिहास को स्पष्ट करती है, बल्कि भविष्य में बीमारियों के प्रबंधन के लिए नए दृष्टिकोण विकसित करने में भी मददगार साबित हो सकती है।

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