Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Kashi Masane Ki Holi: विवादों में काशी की मसाने की होली, रोक लगाने की मांग पर जानें क्या बोली विद्वत... Delhi Weather Today: दिल्ली में और झुलसाएगी गर्मी, यूपी-एमपी-बिहार में पारा 30 पार, जानें पहाड़ों का... Zohran Mamdani ICE Agent: ट्रंप से बात कर जोहरान ममदानी ने किस लड़की को छुड़ाया, जानें पूरा मामला Stocks to Watch Today: आज इन शेयरों पर रखें पैनी नजर, बाजार में दिख सकती है भारी हलचल JNU Protest Case: सभी प्रदर्शनकारी छात्रों को मिली जमानत, जानें कोर्ट में किसने क्या दी दलील रिंकू सिंह के पिता का निधन: T20 वर्ल्ड कप के बीच क्रिकेटर पर टूटा दुखों का पहाड़ काशी में रंगभरी एकादशी: आज गौरा का गौना लेकर आएंगे भोलेनाथ, होली का भव्य आगाज 'पसीने से तरबतर और रोता रहा': नोएडा एमिटी स्कूल बस में 6 घंटे फंसा रहा बच्चा, जानें क्या बोलीं प्रिं... मुंबई एयरपोर्ट पर अब नमाज नहीं! सरकार ने बताई असली वजह, दिया ये नया विकल्प

Haryana STF Success: गैंगस्टर बनने की राह पर थे 121 युवा, हरियाणा STF ने अपराध के जाल से निकाल कर दी नई जिंदगी

चंडीगढ़ : हरियाणा पुलिस की स्पैशल टास्क फोर्स (एस.टी.एफ.) ने संगठित अपराध और गैंगस्टर नैटवर्क के विस्तार पर निर्णायक प्रहार करते हुए व्यापक निवारक एवं सुधारात्मक अभियान के तहत राज्यभर में 121 ऐसे युवाओं की पहचान कर उन्हें सही दिशा में लाने में कामयाबी हासिल की जो विभिन्न माध्यमों से हरियाणा की प्रमुख आपराधिक गिरोहों के संपर्क में पाए गए।

एस.टी.एफ. की गहन तकनीकी एवं फील्ड स्तरीय निगरानी में सामने आया कि ये युवक बदमाश गिरोह नैटवर्क से जुड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स पर सक्रिय थे और उनकी गतिविधियों के प्रति आकर्षण प्रदर्शित कर रहे थे। बदमाश और उनके सहयोगी युवाओं को लोभ और लालच के माध्यम से अपने जाल में फंसाते थे। उन्हें सोशल मीडिया और निजी संपों के जरिए अपराध की एक झूठी चमक धमक भरी दुनिया दिखाई जाती थी, जहां जल्दी पैसा, डर के सहारे बनाई गई पहचान और रुतबे को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया जाता था। कई मामलों में बदमाश युवाओं की पुरानी रंजिशों, व्यक्तिगत विवादों अथवा भावनात्मक कमजोरियों का फायदा उठाते थे। उनमें बदले की भावना को जानबूझ कर भड़काया जाता था। यह मार्ग युवाओं को केवल हिंसा, कानूनी कार्रवाई और जीवनभर के पछतावे की ओर ले जाता है।

स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए एस.टी.एफ. ने दंडात्मक कार्रवाई की बजाय परामर्श और सुधार को प्राथमिकता देते हुए सभी 121 युवाओं को एक सुनियोजित काऊंसलिंग प्रक्रिया में शामिल किया। काऊंसलिंग सैशन में युवाओं को अपराध की राह पर जाने के बाद आने वाले कानूनी, सामाजिक और पारिवारिक दुष्परिणामों से अवगत करवाया गया। उन्हें जेल में बंद बदमाशों की वास्तविक स्थिति, उनके परिवारों की सामाजिक-आर्थिक कठिनाइयों और टूटते पारिवारिक ढांचे के उदाहरणों के माध्यम से अपराध की सच्चाई से रू-ब-रू कराया गया।

युवाओं को सही मोड़ पर लाना सबसे बड़ी चुनौती: डी.जी.पी.: पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि आज की सबसे बड़ी चुनौती युवाओं को उस मोड़ पर सही दिशा देना है, जहां से वे या तो राष्ट्र निर्माण का हिस्सा बन सकते हैं या फिर अपराध के दलदल में फंस सकते हैं। एस.टी.एफ. द्वारा 121 युवाओं की समय रहते पहचान कर उन्हें परामर्श के माध्यम से संगठित अपराध से दूर रखना केवल एक पुलिस कार्रवाई नहीं बल्कि समाज को सुरक्षित रखने की दूरदर्शी पहल है। सिंघल ने स्पष्ट किया कि हरियाणा पुलिस का लक्ष्य अपराधियों को दंडित करने के साथ-साथ उन युवाओं को बचाना है, जो भटकाव की कगार पर हैं।