Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पुडुचेरी में पीएम मोदी का 'शक्ति प्रदर्शन'! फूलों की बारिश और 'भारत माता की जय' के नारों से गूंजा शह... नारी शक्ति वंदन बिल में इतनी 'जल्दबाजी' क्यों? चुनावी मास्टरस्ट्रोक या कोई बड़ा बदलाव; पर्दे के पीछे... क्या BJP में शामिल होने वाले हैं राघव चड्ढा? आतिशी की 'रहस्यमयी मुस्कान' ने बढ़ा दी सियासी हलचल! छोटी बहन का खौफनाक 'डेथ प्लान'! प्रेमी के साथ मिलकर बड़ी बहन के आशिक को उतारा मौत के घाट; चाकू से गो... Meerut Crime: फौजी पति की हत्या के पीछे निकली अपनी ही पत्नी, प्रेमी के साथ मिलकर रचा था मौत का तांडव Noida Weather Update: नोएडा में बदला मौसम का मिजाज, आंधी-बारिश ने दी दस्तक; किसानों के चेहरे पर छाई ... AAP में खलबली! राघव चड्ढा के समर्थन में उतरे भगवंत मान; बोले— "जेल और जांच से नहीं डरते केजरीवाल के ... नोएडा की सड़कों पर 'मौत' का पहरा! आवारा कुत्तों ने पूर्व अधिकारी को बुरी तरह नोंचा; लहूलुहान हालत मे... बंगाल चुनाव में 'सुरक्षा' पर संग्राम! TMC से जुड़े लोगों के साथ 2100 पुलिसकर्मी तैनात; चुनाव आयोग ने... नाई की दुकान में 'मौत का प्लान'! रेलवे सिग्नल बॉक्स उड़ाने की थी साजिश; UP ATS ने ऐसे दबोचे 4 संदिग्...

इसका हाल भी बाद में धनखड़ जैसा होगाः ममता बनर्जी

चुनाव आयुक्तों की बैठक को बीच में छोड़कर बाहर निकला टीएमसी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः नई दिल्ली के बंग भवन से सोमवार सुबह जो राजनीतिक हलचल शुरू हुई थी, वह चुनाव आयोग के कार्यालय तक पहुँचते-पहुँचते एक बड़े विवाद में बदल गई। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर अहंकारी व्यवहार और दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की बैठक का बीच में ही बहिष्कार कर दिया। ममता बनर्जी के साथ अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी के अलावा उन 12 परिवारों के सदस्य भी मौजूद थे, जो एसआईआर प्रक्रिया से प्रभावित हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार, लगभग एक घंटे तक चली इस बैठक में माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब ममता बनर्जी ने योजनाविहीन एसआईआर प्रक्रिया और उसके कारण हुई मौतों का मुद्दा उठाया। ममता ने सवाल किया कि इस प्रक्रिया के दौरान जिन 150 लोगों की मृत्यु हुई और जो अस्पताल में भर्ती हैं, उनकी जिम्मेदारी कौन लेगा? तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि जब वे तार्किक सवाल पूछ रहे थे, तब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कथित तौर पर कहा, आपकी बात क्यों सुनूँ? और बार-बार चर्चा को टालने के लिए अरे छोड़िए ना जैसे शब्दों का प्रयोग किया।

बैठक के दौरान ममता और अभिषेक बनर्जी ने आयोग के सामने सवाल किया कि एसआईआर प्रक्रिया केवल पश्चिम बंगाल में ही क्यों लागू की जा रही है, असम में क्यों नहीं? क्या माइक्रो-ऑब्जर्वर को किसी विशेष एजेंडे के तहत भेजा गया है? सीमा खन्ना नामक अधिकारी द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके मतदाता सूची से नाम हटाने पर भी सवाल उठाए गए।

बैठक से बाहर निकलते समय ममता बनर्जी ने पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ का उदाहरण देते हुए आयोग को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि आयोग भाजपा के पक्ष में काम करेगा, तो उनका हश्र भी धनखड़ जी जैसा होगा।

ममता बनर्जी अपने साथ जिन 12 लोगों को ले गई थीं, उनमें से 10 हिंदू और 2 अल्पसंख्यक परिवारों से थे। टीएमसी नेतृत्व का तर्क है कि वे यह दिखाना चाहते थे कि भाजपा जिस एसआईआर प्रक्रिया को घुसपैठियों के खिलाफ बता रही है, उससे सबसे अधिक प्रभावित हिंदू परिवार ही हुए हैं।

ममता बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि चुनाव आयोग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं करता है, तो वे आने वाले समय में और अधिक लोगों के साथ दिल्ली में बड़ा आंदोलन करेंगी। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, आयोग के साथ भाजपा है, लेकिन हमारे साथ जनता है। देखते हैं किसकी ताकत ज्यादा है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने सभी सवालों के जवाब दिए हैं, जिस पर टीएमसी ने बैठक की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है।