Paddy Procurement Crisis: अंतिम तिथि से 2 दिन पहले ही टोकन कटना बंद, 11 हजार किसानों की मेहनत पर फिरा पानी!
कोरबा: छत्तीसगढ़ में 2 महीने से चली आ रही समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अंतिम तारीख 31 जनवरी निर्धारित की गई थी. इस दिन शनिवार की छुट्टी पड़ने की वजह से अब एक दिन पहले 30 जनवरी को ही धान खरीदी की तिथि समाप्त हो जाएगी. अब तक तारीख आगे बढ़ाए जाने की कोई सूचना नहीं है. वर्तमान हालात यह है कि खरीदी बंद होने के 2 दिन पहले ही यानी गुरुवार 29 जनवरी से नया टोकन जारी नहीं किया जा रहा है.
धान कैसे बेचेंगे किसान
टोकन जारी होने की प्रक्रिया पूरी तरह से बंद कर दी गई है. कोरबा के साथ ही प्रदेश भर में यही स्थिति बनी हुई है. अंतिम नया टोकन बुधवार की स्थिति में जारी किया गया था. यदि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तिथि को आगे नहीं बढ़ाया जाता तो अकेले कोरबा में 11000 किसान समर्थन मूल्य पर धान बेचने से वंचित रह जाएंगे.
अब तक 25 लाख 76000 क्विंटल धान की खरीदी
कोरबा में बुधवार तक की स्थिति में 41 समितियों के 65 उपार्जन केंद्रों के जरिए कुल मिलाकर 25 लाख 113 क्विंटल धान के खरीदी हुई है. कुल पंजीकृत किसानों में से 55 हजार 556 किसानों में से 40 हजार 22 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा है जबकि 11 हजार 834 किसान अब तक धान नहीं बेच सके हैं.
पिछले वर्ष लगभग 28 लाख क्विंटल धान की खरीदी हुई थी. 2 दिन पहले तक कोरबा जिले में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 3 लाख क्विंटल कम धान खरीदी हुई है. अंतिम दो दिन में पिछले वर्ष की मात्रा को भी पीछे छोड़ना संभव नहीं लग रहा है.
टोकन जारी होने के प्रक्रिया पर कोई आदेश नहीं
वर्तमान स्थिति में किसानों को नया टोकन नहीं जारी किया जा रहा है. धान खरीदी की तिथि 31 जनवरी निर्धारित थी. लेकिन छुट्टी होने की वजह से 30 जनवरी को ही धान खरीदी समाप्त हो जाएगी. ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि धान खरीदी की तिथि को बढ़ाया जा सकता है, लेकिन अब तक किसी भी समिति प्रबंधक या सहकारी बैंक को इसकी सूचना नहीं दी गई है. धान रीसाइकलिंग की शिकायतों के बाद धान का उठाव भी बंद कर दिया गया है. यह भी समितियों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है.