Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
जेपीएससी भर्ती रद्द करने पर हाईकोर्ट की रोक: छात्रों ने सरकार पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप, सभी 24 जिलो... 'वंदे मातरम्' के 6 छंद और 190 सेकंड की समयसीमा: अधूरा गाना अब गैर-कानूनी, गृह मंत्रालय ने तय किए कड़... यूपी गैंगस्टर एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, दो वकीलों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई रद्द दिवाली-छठ पर दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: UP-बिहार के लिए शुरू होंगी DTC की लग्जरी बसें वेब सीरीज देखकर बनाई 'चोरी की क्लास': 18 साल होते ही बच्चों को निकालता था हिस्ट्रीशीटर, जबलपुर RPF क... 21 अगस्त वेदर अपडेट: दिल्ली में झमाझम बारिश के आसार, एमपी-राजस्थान और यूपी के कई जिलों में येलो अलर्... जयपुर के बगरू में स्कूल निरीक्षण के दौरान भारी बवाल: CJP कार्यकर्ताओं पर हमला, गाड़ियों में तोड़फोड़ 'लेडी सिंघम' CSP नेहा पच्चीसिया पर FIR: एयरहोस्टेस से DSP बनीं अफसर पर घूसखोरी और आपराधिक साजिश का म... 'चीनी संसद जैसी बन जाएगी लोकसभा': नए संसद भवन के डिजाइन पर बोले शशि थरूर, दूरी और ध्रुवीकरण का कराया... ज्यादा तनावमुक्त रहना भी खतरे की घंटी है खुद में, देखें वीडियो

उत्तराखंड में UCC का एक साल: रोजाना 1400 से ज्यादा ऑनलाइन शादियां हो रही हैं रजिस्टर, 24 गुना बढ़ी पंजीकरण की रफ्तार

आगामी 27 जनवरी को उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) के लागू हुए एक साल पूरा होने जा रहा है. महिला सशक्तिकरण, बाल अधिकारों की सुरक्षा और नागरिक अधिकारों में समता कायम करने के साथ ही यूसीसी का एक महत्वपूर्ण योगदान प्रक्रियाओं के सरलीकरण के रूप में रहा है.

यही कारण है कि यूसीसी लागू होने के एक साल से कम समय में 4,74,447 शादियों का पंजीकरण हो चुका है. अब पति पत्नी कहीं से भी ऑनलाइन तरीके से विवाह पंजीकरण करवा रहे हैं. पहले उन्हें दो गवाहों के साथ तय तिथि पर सब रजिस्ट्रार कार्यालय में उपस्थित होना पड़ता था.

अन्य राज्यों को दिशा दिखाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड ने समान नागरिक संहिता लागू करते हुए अन्य राज्यों को दिशा दिखाई है. बीते एक साल में जितनी पारदर्शी और सरलता से यूसीसी के प्रावधानों को लागू किया गया है, उससे लोगों में पूरी प्रक्रिया के प्रति विश्वास बढ़ा है. यही कारण है कि अब बड़ी संख्या में लोग यूसीसी के तहत पंजीकरण करवा रहे हैँ. उत्तराखंड समान नागरिक संहिता हर तरह से एक मॉडल कानून साबित हुआ है.

यूसीसी के लगभग शत प्रतिशत विवाह पंजीकरण ऑनलाइन माध्यम से हो रहे हैं. जिसमें दंपत्ति या गवाह कहीं से भी, अपने रिकॉर्ड और वीडियो बयान दर्ज करा, पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं. यही कारण है कि यूसीसी लागू होने के बाद एक साल से कम समय में सोमवार, 19 जनवरी 2026 की दोपहर तक 4,74,447 विवाह पंजीकरण सम्पन्न हो चुके हैं.

इस तरह प्रतिदिन औसत पंजीकरण की संख्या 1400 के करीब पहुंच रही है, जबकि पिछले अधिनियम में विवाह पंजीकरण का औसत प्रतिदिन 67 का आता था. यही नहीं इस दौरान, 316 लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से ही विवाह विच्छेद करने और 68 ने लिवइन रिलेशनशिप में जाने जबकि 02 ने लिवइन रिलेशनशिप समाप्त करने का प्रमाणपत्र भी प्राप्त किया है.

औसत पांच दिन पंजीकरण

यूसीसी तहत यूं तो आवेदन के बाद विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने के लिए 15 दिन की समय सीमा तय है, लेकिन आवेदन करने के बाद औसत पांच दिन के भीतर ही पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त हो रहा है. जबकि पुराने अधिनियम में एक तो आवेदकों को भौतिक तौर पर पंजीकरण कार्यालय में उपस्थित होना पड़ता था, उस पर विवाह पंजीकरण के लिए समय सीमा भी तय नहीं थी.