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संगम तट पर ‘संग्राम’! धरने पर बैठे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद; बोले- जब तक नहीं मिलेगा प्रोटोकॉल, तब तक नहीं करूंगा गंगा स्नान

प्रयागराज में मौनी अमावस्या के मौके पर गंगा स्नान को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के भक्तों और पुलिस के बीच जमकर बवाल हुआ. इसके बाद पुलिस ने उनके भक्तों को घसीटते हुए ले गई और शंकराचार्य को बिना स्नान किए वापस जाना पड़ा. अपने और अपने भक्तों के साथ हुई अभद्रता के बाद अब शंकराचार्य अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए हैं.

शंकराचार्य ने कहा है कि जब तक पुलिस प्रशासन ससम्मान प्रोटोकॉल के साथ नहीं ले जाएगा तब तक गंगा स्नान नहीं करूंगा. प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब प्रशासन ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के काफिले को संगम तट पर जाने से रोक दिया.

संगम पर भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने शंकराचार्य से उनके रथ से उतरकर पैदल आगे बढ़ने का अनुरोध किया था.

धरने पर बैठे शंकराचार्य, गंगा स्नान करने से किया मना

शंकराचार्य के अनुयायी रथ के साथ ही आगे बढ़ना चाहते थे. इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई. आरोप है कि शिष्यों के साथ मारपीट भी की गई. इस व्यवहार से नाराज होकर शंकराचार्य ने संगम में स्नान करने से मना कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए. मौके पर प्रशासन के बड़े अधिकारी उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल उनका जुलूस रुका हुआ है.

भक्तों का ये भी आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी और लाठीचार्ज किया, जबकि पुलिस का कहना है कि उन्होंने सिर्फ भीड़ को काबू करने के लिए कदम उठाए. इस विवाद से नाराज होकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने संगम स्नान करने से मना कर दिया. फिलहाल वहां का माहौल काफी तनावपूर्ण है. इसको देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.