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पूर्व विधायक रमेश कदम ने छोड़ी शरद पवार की पार्टी

दोनों एनसीपी के एक होने की चर्चा के बीच नई खबर

राष्ट्रीय खबर

मुंबईः कोंकण क्षेत्र की राजनीति में उस समय बड़ा भूचाल आ गया जब शरद पवार के बेहद करीबी और वफादार माने जाने वाले वरिष्ठ नेता रमेश कदम ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। हाल ही में हुए नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में शिवसेना-भाजपा गठबंधन ने भारी जीत दर्ज की थी।

अब जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों की घोषणा के बीच महा विकास अघाड़ी  के लिए यह एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। चिपलूण के पूर्व विधायक रमेश कदम ने न केवल अपने पद से बल्कि पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। अपने त्यागपत्र में उन्होंने कड़वाहट भरे शब्दों में लिखा कि पार्टी को अब उनके जैसे निष्ठावान कार्यकर्ता की जरूरत नहीं रह गई है।

रमेश कदम का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है। उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) में प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य किया। 1984 से शरद पवार के साथ जुड़े कदम ने 1999 में पार्टी की स्थापना के समय से ही संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी।

वे 2004 में विधायक चुने गए थे और इससे पहले लगभग 35 वर्षों तक पार्षद तथा साढ़े नौ वर्षों तक नगर परिषद अध्यक्ष रहे थे। कोंकण के मंदनगढ़ से लेकर राजापुर तक पार्टी का कैडर खड़ा करने का श्रेय उन्हें दिया जाता है।

अपने इस्तीफे में उन्होंने अपनी उपेक्षा का दर्द साझा करते हुए कहा कि कठिन समय में पार्टी के साथ खड़े रहने के बावजूद उन्हें दरकिनार कर दिया गया। उन्होंने उल्लेख किया कि 2014 के रायगढ़ लोकसभा चुनाव में पार्टी के आदेश पर उन्होंने चुनाव लड़ा और 1.3 लाख वोट हासिल किए।

हालिया नगर परिषद चुनाव में भी उन्होंने बिना पैसा खर्च किए 10,500 वोट प्राप्त किए, लेकिन वे मामूली अंतर से हार गए। कदम ने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर ही कुछ नेता उनके खिलाफ साजिश कर रहे थे और जिला अध्यक्ष पद के लिए उनके नाम का विरोध किया गया, जो उनके लिए अपमानजनक था। अब राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि कोंकण का यह कद्दावर नेता अगला कदम क्या उठाएगा।