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शेयर बाजार में ‘ब्लैक मंडे’! अमेरिकी टैरिफ और ईरान संकट की दोहरी मार, निवेशकों के 19 लाख करोड़ स्वाहा

शेयर बाजार ने भले ही शुरुआती कुछ दिनों में कुछ ​तेजी दिखाई हो, लेकिन वक्त बढ़ने के बाद अब साफ लगने लगा है कि शेयर बाजार के लिए 2026 का नया साल कुछ अच्छा लेकर नहीं आया है. लगातार 6 कारोबारी दिनों में शेयर बाजार निवेशकों के 19 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा डूब जाना अच्छा नहीं है. खास बात तो ये है कि सेंसेक्स अपने लाइफ टाइम हाई से करीब 4 फीसदी नीचे आ चुका है. वहीं लगातार 6 दिनों में गिरावट की वजह से सेंसेक्स में 2900 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल चुकी है.

शेयर बाजार के प्रमुख कारणों की बात करें तो अमेरिका का पहले वेनेजुएला के साथ पंगा उसके बाद ईरान के साथ दुश्मनी ने जियो पॉलिटिकल टेंशन को पूरी तरह से बिगाड़ दिया है. वहीं दूसरी ओर भारत का अमेरिका के साथ ट्रेड डील ना हो पाना भी निवेशकों के सेंटीमेंट को लगातार बिगाड़ रहा है. वहीं दूसरी ओर विदेशी निवेशकों का पलायन अभी तक रुका हुआ नहीं है. रुपए में गिरावट लगातार जारी है. साथ ही ईरान के साथ पंगा लेने का मतलब है कि कच्चे तेल की सप्लाई में रुकावट और कीमतों में इजाफा होना. जिसका असर भारत के इंपोर्ट बिल पर साफ देखने को मिलता है.

ऐसे में कोई ऐसा सेंटीमेंट नहीं दिख रहा है जिसकी वजह से शेयर बाजार को थोड़ा बहुत भी बूस्ट मिल सके. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर शेयर बाजार में किस तरह के आंकड़े देखने को मिल रहे हैं. साथ ही वो कौन से 8 कारण है, जिनकी वजह से निवेशकों को मोटा नुकसान हो रहा है.

शेयर बाजार में लगातार 6वें दिन गिरावट

शेयर बाजार में लगातार 6वें दिन गिरावट देखने को मिल रही है. आंकड़ों को देखें तो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स कारोबारी सत्र के दौरान 715 अंकों की गिरावट देखने को मिल रही है और आंकड़ा 82,861.07 अंकों पर आ गया है. खास बात तो ये है कि सेंसेक्स 7 नवंबर के बाद अपने सबसे लोअर लेवल पर आ गया है. वैसे सेंसेक्स सोमवार को मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ था. लेकिन कारोबारी सत्र के दौरान गिरावट शेयर बाजार में गिरावट बढ़ती गई. दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर सेंसेक्स 614.59 अंकों की गिरावट के साथ 82,977.27 अंकों पर कारोबार कर रहा है.

खास बात तो ये है कि सेंसेक्स में लगातार 6वें दिन गिरावट देखने को मिल रही है. इसका मतलब है कि लगातार 6 दिनों की गिरावट में सेंसेक्स में 2,900.94 अंकों की गिरावट देखने को मिल चुकी है. इसका मतलब है कि सेंसेक्स ने निवेशकों को 3.38 फीसदी का नुकसान करा दिया है. वहीं दूसरी ओर लाइफ टाइम हाई से सेंसेक्स में 3,297.95 अंकों की गिरावट देखने को मिल चुकी है. इसका मतलब है कि निवेशकों को करीब 4 फीसदी का नुकसान हो चुका है. 1 दिसंबर को सेंसेक्स 86,159.02 अंकों के साथ अपने लाइफ टाइम हाई पर पहुंच गया था.

वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी में भी बड़ी गिरावट देखने को मिल चुकी है. कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी में करीब 210 अंकों की गिरावट देखने को मिल चुकी है और 25,473.40 अंकों के साथ लोअर लेवल पर दिखाई दिया. वैसे निफ्स 12 बजकर 15 मिनट पर 77 अंकों की गिरावट के साथ 25,606.30 पर कारोबार करता हुआ दिखाई दिया. वैसे सोमवार को निफ्टी 25,669.05 अंकों पर ओपन हुआ था. जानकारों की मानें तो निफ्टी में आने वाले दिनों में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

वैसे निफ्टी में लगातार 6वें दिन गिरावट देखने को मिल रही है. इस दौरान निफ्टी में 3.25 फीसदी की गिरावट देखने को मिल चुकी है. 2 जनवरी को निफ्टी 26,328.55 अंकों पर थी. जिसमें तब से अब तक 855.15 अंकों की गिरावट देखने को मिल चुकी है. वहीं 5 जनवरी को निफ्टी 26,373.20 अंकों के साथ लाइफ टाइम हाई पर पहुंच गई थी. तब से अब तक निफ्टी में 899.8 अंकों की गिरावट देखने को मिल चुकी है. इसका मतलब है कि निफ्टी निवेशकों को अब तक 3.41 फीसदी का नुकसान पहुंच दिया है.

निवेशकों को 6 दिन में कितना नुकसान

अगर बात निवेशकों के नुकसान की बात करें तो काफी मोटा नुकसान हो चुका है. वैसे निवेशकों का नुकसान बीएसई के मार्केट कैप से जुड़ा हुआ है. आंकड़ों को देखें तो 2 जनवरी को बीएसई का मार्केट कैप 4,81,24,779.35 करोड़ रुपए पर था, जो घटकर कारोबारी सत्र के दौरान 4,62,18,075.93 करोड़ रुपए पर आ गया. इसका मतलब है कि निवेशकों को 19,06,703.42 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो गया. अगर बात आज यानी सोमवार की करें तो बीते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बीएसई का मार्केट कैप 4,67,74,908.44 करोड़ रुपए था. इसका मतलब है कि सोमवार को कारोबारी सत्र के दौरान निवेशकों को 5,56,832.51 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है.