दक्षिण यमन के एसटीएफ ने संगठन को भंग किया
सानाः यमन के प्रमुख अलगाववादी समूह साउदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (एसटीसी) ने शुक्रवार से अपने सभी संस्थानों को भंग करने की घोषणा कर दी है। समूह के महासचिव अब्दुर्रहमान जलाल अल-सेबई ने कहा कि आंतरिक मतभेदों और बढ़ते क्षेत्रीय दबाव के कारण परिषद के सभी कार्यालयों को बंद किया जा रहा है।
यह घोषणा समूह के नेता एदारौस अल-जुबैदी के संयुक्त अरब अमीरात भाग जाने के एक दिन बाद आई है। हालांकि, परिषद के प्रवक्ता अनवर अल-तमीमी ने इस फैसले को चुनौती देते हुए कहा कि केवल पूर्ण परिषद ही ऐसा निर्णय ले सकती है, जो आंदोलन के भीतर गहरी फूट को उजागर करता है।
यह उथल-पुथल पिछले महीने एसटीसी बलों द्वारा हद्रमौत और अल-महरा के तेल समृद्ध क्षेत्रों और अदन के राष्ट्रपति महल पर कब्जे के बाद शुरू हुई। इन सैन्य कार्रवाइयों ने सऊदी समर्थित बलों को पीछे धकेल दिया था और रियाद व अबू धाबी के बीच तनाव को सार्वजनिक कर दिया था।
इसके बाद सऊदी समर्थित सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इन क्षेत्रों पर पुनः नियंत्रण कर लिया। अल-सेबई ने स्पष्ट किया कि इन सैन्य अभियानों को परिषद की मंजूरी नहीं थी और इनसे सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ संबंधों को नुकसान पहुँचा है।
सऊदी अरब ने एसटीसी के भंग होने का स्वागत किया है। सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान ने कहा कि दक्षिण यमन का मुद्दा अब सही रास्ते पर है। विश्लेषकों का मानना है कि रियाद ने जमीन पर स्थिति को नियंत्रित करके यह साबित कर दिया है कि वह अपनी सीमाओं पर किसी भी अस्थिरता को बर्दाश्त नहीं करेगा।
यमन का गृहयुद्ध, जो एक दशक से अधिक समय से जारी है, अब तक 1,50,000 से अधिक लोगों की जान ले चुका है और दुनिया के सबसे खराब मानवीय संकटों में से एक बन गया है। अब सभी की निगाहें रियाद में होने वाले आगामी सम्मेलन पर टिकी हैं, जहाँ दक्षिण यमन के भविष्य पर चर्चा होगी।