देश में खुलेंगे 50 हजार अटल टिंकरिंग लैब, झारखंड के दो स्कूलों के टीचर और छात्र पीएम मोदी से मिलकर देंगे सुझाव
धनबाद: नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्रीय नीति आयोग द्वारा साल 2016 में देश भर के विभिन्न स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना की गई थी. स्थापना के बाद बेहतर परिणाम भी देखने को मिले. छात्रों ने कई नायाब आइडिया भी प्रस्तुत किए. परिणामस्वरूप अब देशभर के विभिन्न स्कूलों में 50 हजार नए अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना करने का लक्ष्य रखा गया है.
अटल टिंकरिंग लैब को और भी बेहतर किया जाएगा
पूर्व में स्थापित किए गए अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्राचार्य, टीचर और छात्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करेंगे, ताकि आगे 50 हजार स्थापित होने वाले अटल टिंकरिंग लैब को पहले से और भी बेहतर किया जा सके.
झारखंड के दो ऐसे स्कूलों का चयन हुआ है जिनमें अटल टिंकरिंग लैब स्थापित हैं. इन दो स्कूलों के टीचर और छात्र को पीएम मोदी से बातचीत लिए दिल्ली बुलाया गया है. 24 जनवरी को दिल्ली में पीएम मोदी से मिलकर इन स्कूलों के टीचर और छात्र आगे स्थापित होने वाले एटीएल को और बेहतर बनाने के लिए अपने विचार देंगे.
अटल टिंकरिंग लैब इंचार्ज और छात्र पीएम से मिलेंगे
दिल्ली में जिन्हें पीएम मोदी से बातचीत के लिए आमंत्रण मिला है उनमें धनबाद डीएवी कोयला नगर स्कूल का नाम शामिल है. 2017 में यहां अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना हुई थी. स्थापना के बाद छात्रों ने कई बेहतर आइडिया प्रस्तुत किए थे. स्कूल के प्राचार्य आनंद श्रीवास्तव, अटल टिंकरिंग लैब के इंचार्ज बीके सिंह और दो छात्र यतन वीर(9वीं कक्षा) एवं केतन किशोर दास (11वीं कक्षा) पीएम मोदी से बातचीत कर नए स्थापित होने वाले एटीएल के लिए अपना विचार देंगे.
टीचर बीके सिंह ने बताया कि 24 जनवरी को दिल्ली संग्रहालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के लिए आमंत्रण मिला है. पीएम से मिलकर आगे स्थापित होने वाले 50 हजार टिंकरिंग लैब की स्थापना को लेकर हमें अपना विचार साझा करना है. नए एटीएल में बदलाव के साथ इसे और बेहतर बनाने की दिशा में छात्रों और टीचरों से पीएम मोदी जानकारी लेंगे.
देश भर के 40 से 50 स्कूलों के टीचर और छात्र अपने अनुभव के आधार पर बदलाव और बेहतर बनाने की जानकारी साझा करेंगे. झारखंड के दो स्कूलों में जमशेदपुर डीबीएमएस इंग्लिश स्कूल के टीचर और छात्र भी पीएम मोदी से बातचीत कर अपने विचार साझा करेंगे. इसके साथ ही दिल्ली में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस समारोह में भी शामिल होंगे.
उन्होंने बताया कि कोयला नगर डीएवी स्कूल में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित होने के बाद छात्रों ने सैकड़ों नवाचार (इनोवेशन) किए हैं, जिनमें से दो का पेटेंट कराया गया है. नवाचार के मामले में स्कूल के छात्रों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराया है.
नए स्थापित होने वाले टिंकरिंग लैब पर सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि इन लैब को बेहतरीन ट्रेनर की जरूरत है. यही नहीं इसे क्लास की रूटीन में एक पीरियड के रूप में लाया जाना चाहिए ताकि बच्चों की संख्या बढ़े और नवाचार पर काम भी आगे बढ़े.
छात्र केतन किशोर दास ने कहा कि हमारे बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए पीएम मोदी के समक्ष अपने विचार देने के लिए चयन किया गया है. हमारे लिए यह काफी गर्व की बात है. उन्होंने कहा कि यंग इनोवेटर्स को एक बेहतर प्लेटफॉर्म और रिसोर्स देने की जरूरत है, ताकि भविष्य में वह अपना बेहतर प्रदर्शन कर सके.
अभी, AI हर जगह तेजी से बढ़ रहा है
हार्डवेयर और मैकेनिकल डेवलपमेंट अपनी जगह सही है. लेकिन एआई और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पर काफी अधिक ध्यान देने की जरूरत है. क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ मिनरल्स के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की जरूरत है, ताकि दूसरे देशों पर निर्भरता कम हो सके.
वहीं छात्र यतन वीर ने कहा कि नीति आयोग की तरफ से पीएम से बातचीत के लिए हमें बुलाया गया है, यह हमारे लिए गौरव का क्षण है. उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति में सुधार कर इनोवेशन को आगे बढ़ाने की जरूरत है.
वहीं प्राचार्य आनंद श्रीवास्तव ने कहा कि हमारे स्कूल के प्रदर्शन को देखते हुए हमें पीएम मोदी से मिलने का मौका मिल रहा है, यह हमारे लिए काफी सौभाग्य की बात है.