गुजरात के सत्ता शीर्ष पर अब भी स्पष्टता नहीं
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः केंद्र सरकार ने 1991 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शमशेर सिंह को उनकी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से समय से पहले गुजरात कैडर में वापस भेज दिया है। शमशेर सिंह वर्तमान में सीमा सुरक्षा बल में अतिरिक्त महानिदेशक के रूप में तैनात थे। उनकी यह वापसी ऐसे समय में हुई है जब गुजरात के पुलिस महानिदेशक विकास सहाय 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हुए हैं और राज्य में पुलिस नेतृत्व का पद रिक्त है।
गृह मंत्रालय द्वारा 2 जनवरी 2026 को जारी एक कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, शमशेर सिंह की गुजरात वापसी तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। शमशेर सिंह पिछले साल जनवरी में ही बीएसएफ में गए थे और अभी उनकी प्रतिनियुक्ति के केवल 11 महीने ही बीते थे। फिलहाल, गुजरात सरकार ने 1992 बैच के अधिकारी के. लक्ष्मी नारायण राव को राज्य का कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया है। शमशेर सिंह बैच के लिहाज से केएलएन राव से एक साल वरिष्ठ हैं, जिससे राज्य के पुलिस ढांचे में बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं।
शमशेर सिंह मार्च 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उनके पास प्रशासनिक अनुभव का लंबा रिकॉर्ड है; वे वडोदरा के पुलिस आयुक्त और गुजरात भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। जानकारों का मानना है कि उनकी अचानक वापसी का उद्देश्य उन्हें गुजरात पुलिस में कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपना हो सकता है, संभवतः उन्हें राज्य का पूर्णकालिक या कार्यवाहक डीजीपी बनाया जा सकता है।
आमतौर पर, जब किसी वरिष्ठ अधिकारी को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से कार्यकाल पूरा होने से पहले वापस बुलाया जाता है, तो इसके पीछे राज्य सरकार की कोई बड़ी रणनीतिक योजना होती है। गुजरात में आगामी प्रशासनिक चुनौतियों और कानून-व्यवस्था को देखते हुए शमशेर सिंह के अनुभव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बीएसएफ से औपचारिक रूप से कार्यमुक्त होने के बाद वे जल्द ही गांधीनगर में अपनी नई भूमिका संभाल सकते हैं। इस फेरबदल से राज्य के अन्य वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की पदोन्नति और नियुक्तियों पर भी असर पड़ने की संभावना है।