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जिंदल के कोयला खनन क्षेत्र में भड़क गये स्थानीय लोग

हिंसक प्रदर्शन में तीन पुलिसकर्मी घायल

  • गत बारह दिसंबर से चल रहा धरना

  • सीएचसी प्लांट में घुस गये नाराज लोग

  • उग्र भीड़ ने कई वाहन भी जला दिये

राष्ट्रीय खबर

रायपुरः छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में कोयला खनन परियोजना के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन शनिवार को हिंसक हो गया। इस झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए और प्रदर्शनकारियों ने वाहनों को आग के हवाले कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, उग्र भीड़ जिंदल पावर लिमिटेड के कोल हैंडलिंग प्लांट में घुस गई और वहां रखे दो ट्रैक्टरों, एक कन्वेयर बेल्ट और अन्य वाहनों को आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय परिसर में भी तोड़फोड़ की और पुलिस की एक बस, जीप और एम्बुलेंस को क्षतिग्रस्त कर दिया।

जिला प्रशासन द्वारा जारी बयान के अनुसार, गेर पेलमा सेक्टर-I कोयला ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के लोग 12 दिसंबर से लिब्रा गांव में धरना दे रहे थे। वे 8 दिसंबर को हुई जनसुनवाई के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे भीड़ अचानक हिंसक हो गई। पुलिस और राजस्व अधिकारियों द्वारा शांति बनाए रखने की अपील के बावजूद, भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़ दिए और पत्थरों व लाठियों से हमला कर दिया। इस हमले में एसडीओपी अनिल विश्वकर्मा और तमनार थाना प्रभारी कमला पूसम सहित कई महिला कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गईं।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय विधायक और जिले के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन भीड़ का आक्रामक व्यवहार जारी रहा। रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि ग्रामीण पिछले 15 दिनों से शांतिपूर्वक बैठे थे, लेकिन शनिवार को कुछ असामाजिक तत्वों ने उन्हें उकसाया, जिससे स्थिति बिगड़ गई। वहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस द्वारा धरना स्थल से उन्हें हटाने की कोशिश के बाद तनाव बढ़ा। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राज्य सरकार की हठधर्मिता को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी का आरोप है कि सरकार आदिवासियों को उनकी जमीन से जबरन बेदखल कर रही है। फिलहाल क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और दोषियों की पहचान की जा रही है।