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सरकार ने जीएन फई का संपत्ति जब्त कर ली

अमेरिका से भारत विरोधी अभियान चलाता है कश्मीरी नागरिक

राष्ट्रीय खबर

श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर पुलिस ने राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने के आरोप में अमेरिका स्थित कश्मीरी अलगाववादी नेता और कश्मीरी अमेरिकन काउंसिल के संस्थापक गुलाम नबी शाह उर्फ ​​डॉ. जी.एन. फई की अचल संपत्ति कुर्क कर ली है। यह कार्रवाई बडगाम पुलिस के आवेदन पर विशेष एनआईए कोर्ट के आदेश के बाद की गई है। फई के खिलाफ बडगाम पुलिस स्टेशन में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है। चूंकि अभियुक्त को पहले ही भगोड़ा घोषित किया जा चुका था, इसलिए यह कार्रवाई आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 83 के तहत की गई।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों में बडगाम जिले के वाडवान गांव में एक कनाल और दो मरला भूमि तथा चट्टाबुघ गांव में 11 मरला भूमि शामिल है। जिला कलेक्टर को इन संपत्तियों का कब्जा लेने का निर्देश दिया गया है। जांच में सामने आया है कि डॉ. फई लंबे समय से अलगाववादी गतिविधियों में शामिल रहे हैं और विदेशों से भारत विरोधी दुष्प्रचार कर रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई उन सभी अलगाववादियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो विदेशी धरती से भारत की सुरक्षा और एकता को चुनौती देने का प्रयास करते हैं।

डॉ. फई का विवादों से पुराना नाता रहा है। 2011 में उन्हें अमेरिका में भी गिरफ्तार किया गया था, जब अमेरिकी अधिकारियों ने उनके संगठन केएसी को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का मुखौटा करार दिया था। उन्हें साजिश और कर उल्लंघन के लिए अमेरिकी अदालत ने दो साल की जेल की सजा सुनाई थी। 2013 में रिहा होने के बाद भी वे भारत विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रहे। जम्मू-कश्मीर पुलिस का कहना है कि वे अलगाववाद को बढ़ावा देने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त और कानूनी कार्रवाई जारी रखेंगे, चाहे वह दुनिया के किसी भी कोने में बैठा हो।