Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Raipur Hotel Death: रायपुर के होटल रंजीत में बिहार के बुजुर्ग की संदिग्ध मौत; रूम में लाश मिलने से म... Chhattisgarh Dial 112: रायपुर में डायल-112 नेक्स्ट जेन सेवा का आगाज; गृहमंत्री विजय शर्मा ने 54 हाईट... Chhattisgarh Dial 112: जशपुर में डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जेन का आगाज; अब दूरस्थ गांवों में चंद मिनटों... Bhopal Crime News: भोपाल में रिश्तों को तार-तार करने वाली वारदात; जहांगीराबाद में 9 साल की भतीजी से ... MP IPS Transfer: मध्य प्रदेश में फिर बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी; जून में बदलेंगे कई जिलों के एस... BRICS Summit Indore: इंदौर में ब्रिक्स युवा उद्यमिता बैठक का भव्य शंखनाद; स्टार्टअप और ग्रीन बिजनेस ... Indore Honeytrap Case: इंदौर हनीट्रैप का नया और खतरनाक खुलासा; श्वेता जैन गिरोह ने दिल्ली के नेताओं ... Bhagalpur Vikshamsila Setu Update: विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद गंगा में शुरू हुई जहाज सेवा; एक स... Bhopal Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा मामले में पूर्व सैनिकों का बड़ा फूटा गुस्सा; शौर्य स्मारक से... Bihar Traffic Rules: बिहार में नाबालिगों के गाड़ी चलाने पर ₹25,000 जुर्माना, अभिभावकों को 3 महीने की...

न्यूजीलैंड ने भारत के साथ व्यापार वार्ता पूरी की

अमेरिकी टैरिफ दरकिनार कर व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

  • टैरिफ में भारी कटौती और शुल्क मुक्त पहुंच

  • 20 अरब डॉलर का निवेश और आर्थिक संभावनाएं

  • संवेदनशील क्षेत्रों का संरक्षण प्रदान करने का फैसला

नई दिल्ली/वेलिंगटन: भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए दोनों देशों ने सोमवार को बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते पर अपनी बातचीत को आधिकारिक रूप से अंतिम रूप दे दिया। इस ऐतिहासिक संधि का प्राथमिक उद्देश्य आगामी पांच वर्षों के भीतर दोनों देशों के बीच होने वाले द्विपक्षीय व्यापार की मात्रा को वर्तमान स्तर से दोगुना करना है। यह समझौता न केवल व्यापारिक बाधाओं को दूर करेगा, बल्कि दक्षिण एशिया और प्रशांत क्षेत्र के बीच आर्थिक एकीकरण को भी मजबूती प्रदान करेगा।

इस समझौते की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि न्यूजीलैंड से भारत को होने वाले कुल निर्यात के 95 प्रतिशत हिस्से पर टैरिफ या तो पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा या उसमें महत्वपूर्ण कटौती की जाएगी। समझौते की शर्तों के अनुसार, आधे से अधिक उत्पाद जिस दिन संधि लागू होगी, उसी दिन से शुल्क मुक्त हो जाएंगे। इसके बदले में, भारत को एक बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल हुई है जिसके तहत सभी भारतीय सामानों को न्यूजीलैंड के बाजार में शत-प्रतिशत शुल्क मुक्त पहुंच प्राप्त होगी। यह कदम भारतीय निर्यातकों, विशेषकर फार्मास्यूटिकल्स और कपड़ा उद्योग के लिए नई संभावनाएं पैदा करेगा।

न्यूजीलैंड ने व्यापार के साथ-साथ भारत के विकास में भागीदार बनने की प्रतिबद्धता जताते हुए अगले 15 वर्षों में 20 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया है। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने एक बयान में कहा, भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश और सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। यह समझौता न्यूजीलैंड के लोगों (किविस) के लिए नौकरियों, निर्यात के नए अवसरों और आर्थिक विकास के द्वार खोलेगा। उल्लेखनीय है कि 2024 में दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 1.81 अरब डॉलर रहा था, जिसे इस संधि के माध्यम से नई ऊंचाइयों पर ले जाने की योजना है।

भारतीय पक्ष ने व्यापार उदारीकरण के साथ-साथ अपने घरेलू उत्पादकों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा है। भारत सरकार ने अपने कृषि क्षेत्र और स्थानीय उद्योगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डेयरी, कॉफी, प्याज, चीनी, मसाले, खाद्य तेल और रबर जैसे संवेदनशील उत्पादों को इस समझौते की बाजार पहुंच से बाहर रखा है। यह निर्णय विशेष रूप से भारतीय डेयरी किसानों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के झटकों से बचाने के लिए लिया गया है।

यद्यपि दोनों देशों की सरकारों ने महज नौ महीनों के भीतर इस वार्ता को पूरा कर एक मिसाल कायम की है, लेकिन न्यूजीलैंड के भीतर इसे लेकर राजनीतिक चुनौतियां उभर रही हैं। प्रधानमंत्री लक्सन की गठबंधन सरकार में शामिल न्यूजीलैंड फर्स्ट पार्टी ने इस सौदे पर असंतोष जताया है। पार्टी नेता विंस्टन पीटर्स का तर्क है कि यह समझौता डेयरी क्षेत्र और आव्रजन के मुद्दों पर न्यूजीलैंड के हितों के साथ समझौता करता है।

इन घरेलू चुनौतियों के बावजूद, दोनों देशों को उम्मीद है कि 2026 की पहली छमाही में इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर कर दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ऐतिहासिक मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह दोनों देशों के बीच गहरे आर्थिक संबंधों की साझा महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।