Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
BJP vs Rahul Gandhi: 'देश में आने वाला है आर्थिक तूफान...' रायबरेली में गरजे राहुल; बीजेपी ने बताया ... BC Khanduri Passes Away: पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी के निधन पर भावुक हुए पुष्कर सिंह धामी; पार्थिव शरीर... Bijnor Crime News: बिजनौर में बीजेपी नेता सुरेश भगत पर केस दर्ज; पुलिस के सामने घर में घुसकर पीटा, ग... Karnal Pradeep Mishra Katha: पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा से पहले करनाल में बवाल; VIP पास को लेकर मारप... Indore Weather Update: इंदौर में गर्मी का 10 साल का रिकॉर्ड टूटा! सड़कों पर पसरा सन्नाटा, जानें मौसम... BRICS Summit Indore: इंदौर में ब्रिक्स युवा उद्यमिता बैठक आज से; केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ... Indore Dog Bite Cases: इंदौर में नसबंदी के दावों के बीच श्वानों का आतंक; 1 साल में 60 हजार से ज्यादा... Indore IET Hostel: आईईटी हॉस्टल तोड़फोड़ मामले में नया मोड़, छात्रों ने वीडियो जारी कर मांगी माफी; ख... Indore IET Hostel: आईईटी हॉस्टल गांजा पार्टी मामले में DAVV का बड़ा एक्शन; 3 छात्र सस्पेंड, 1 का एडम... MP New Transfer Policy: मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के तबादलों से हटेगी रोक! आज मोहन यादव कैबिनेट बै...

भारत की पहली स्वदेशी क्रिस्पर जीन थेरेपी

स्वदेशी चिकित्सा विज्ञान में एक नए युग का सूत्रपात

  • सिकल सेल एनीमिया का ईलाज होगा

  • कठिन और महंगे ईलाज से मुक्ति होगी

  • कई अन्य रोगों का निदान भी संभव होगा

राष्ट्रीय खबर

रांचीः गत 19 दिसंबर 2025 को भारत ने चिकित्सा विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आधिकारिक तौर पर भारत की पहली स्वदेशी क्रिस्पर आधारित जीन थेरेपी का शुभारंभ किया। यह थेरेपी विशेष रूप से सिकल सेल एनीमिया जैसी घातक आनुवंशिक बीमारियों के उपचार के लिए विकसित की गई है।

क्रिस्पर तकनीक को अक्सर आणविक कैंची कहा जाता है। यह वैज्ञानिकों को मानव डीएनए के विशिष्ट हिस्सों को सटीकता से काटने और बदलने की अनुमति देती है। भारत में विकसित यह स्वदेशी संस्करण न केवल तकनीक के मामले में उन्नत है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत के सपने को भी साकार करता है। अब तक इस तरह के उपचारों के लिए हमें पश्चिमी देशों पर निर्भर रहना पड़ता था, जहाँ एक मरीज के इलाज का खर्च करोड़ों में होता है। भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा विकसित यह विधि इस उपचार को आम जनता के लिए वहनीय और सुलभ बनाएगी।

देखें यह विधि कैसे काम करती है

भारत में सिकल सेल रोग एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, खासकर आदिवासी समुदायों में। इस बीमारी में लाल रक्त कोशिकाएं हंसिया के आकार की हो जाती हैं, जिससे शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बाधित होता है और अंगों को गंभीर क्षति पहुँचती है। नई जीन थेरेपी मरीज के शरीर से स्टेम सेल निकालकर, क्रिस्पर तकनीक के जरिए उनके दोषपूर्ण डीएनए को ठीक करती है और फिर उन्हें वापस शरीर में प्रत्यारोपित कर देती है। यह प्रक्रिया बीमारी के लक्षणों को प्रबंधित करने के बजाय उसे जड़ से खत्म करने की क्षमता रखती है।

यह स्वदेशी सफलता केवल सिकल सेल तक सीमित नहीं रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भविष्य में थैलेसीमिया, हीमोफिलिया और कैंसर जैसे रोगों के सटीक इलाज के रास्ते खोलेगी। सरकार के इस कदम से भारत अब वैश्विक जीन एडिटिंग बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभरा है। यह न केवल भारतीय स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए वरदान है, बल्कि दुनिया भर के विकासशील देशों के लिए एक किफायती मॉडल भी पेश करता है।

#विज्ञान_और_प्रौद्योगिकी #जीन_थेरेपी #आत्मनिर्भर_भारत #सिकल_सेल_मुक्ति #भारतीय_वैज्ञानिक #crisperIndia #GeneEditing #MakeInIndia #MedicalInnovation #SickleCellCure