अमेरिका-वेनेजुएला के बीच तनाव और बढ़ा
वाशिंगटनः 21 दिसंबर 2025 को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में घटी एक घटना ने वैश्विक राजनीति और तेल बाजार में हलचल मचा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने वेनेजुएला के विरुद्ध अपनी सख्त नीतियों को और कड़ा करते हुए एक विशाल तेल टैंकर को बीच समुद्र में जब्त कर लिया। यह कार्रवाई तब की गई जब यह टैंकर वेनेजुएला के बंदरगाह से कच्चा तेल भरकर कैरिबियाई सागर के रास्ते अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा था। अमेरिकी कोस्ट गार्ड द्वारा की गई इस छापेमारी को वाशिंगटन ने पूरी तरह वैध ठहराया है, जबकि काराकास ने इसे अंतरराष्ट्रीय डकैती करार दिया है।
अमेरिकी प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि वेनेजुएला पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों का उल्लंघन कर यह टैंकर अवैध व्यापार में शामिल था। व्हाइट हाउस के एक बयान के अनुसार, वेनेजुएला के तेल की बिक्री से होने वाली आय का सीधा उपयोग राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार द्वारा मानवाधिकारों के दमन और अपनी सत्ता को अवैध रूप से बनाए रखने के लिए किया जा रहा है। अमेरिका का उद्देश्य वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था की रीढ़, यानी तेल निर्यात को पूरी तरह से ठप करना है ताकि वहां की सरकार पर लोकतांत्रिक सुधारों के लिए दबाव बनाया जा सके।
दूसरी ओर, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे समुद्री डकैती की संज्ञा दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका खुलेआम अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है और संप्रभु राष्ट्रों के संसाधनों को लूटने की कोशिश कर रहा है। इस घटना ने वेनेजुएला के सहयोगी देशों, विशेष रूप से रूस और चीन को भी चौकन्ना कर दिया है, जो इसे अमेरिका की दादागिरी के रूप में देख रहे हैं।
इस जब्ती का तत्काल प्रभाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिला है। कीमतों में अचानक आए उछाल ने उन देशों की चिंता बढ़ा दी है जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए तेल आयात पर निर्भर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक टैंकर की जब्ती नहीं है, बल्कि उन सभी देशों और शिपिंग कंपनियों के लिए एक गंभीर चेतावनी है जो अभी भी वेनेजुएला के साथ व्यापारिक संबंध बनाए हुए हैं।
दक्षिण अमेरिकी देशों के संगठन ने इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। क्षेत्र में सैन्य टकराव की आशंका बढ़ गई है, क्योंकि वेनेजुएला ने अपने समुद्री आर्थिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए नौसैनिक गश्त बढ़ाने की घोषणा की है। यह मामला अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद तक पहुंचने की संभावना है, जहां वैश्विक शक्तियों के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस होना तय है। यदि कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय संकट का रूप ले सकता है।