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एसआईआर 2 में एक करोड़ वोटर घट गये है

चुनाव आयोग ने जद्दोजहद के बाद अंततः सूची जारी कर दी

  • पांच राज्यों का आंकड़ा जारी किया गया

  • पश्चिम बंगाल से 58 लाख नाम हटाये गये

  • सभी राज्यों में दल इसकी जांच कर रहे हैं

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारतीय चुनाव आयोग ने मंगलवार को विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया के दूसरे चरण के तहत तीन राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों की मतदाता सूची का मसौदा जारी कर दिया है। इस व्यापक शुद्धिकरण अभियान के परिणामस्वरूप पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गोवा, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में मतदाता सूची से कुल 1 करोड़ 1 लाख से अधिक नाम हटाए गए हैं। इस बड़ी कटौती के कारण इन क्षेत्रों के कुल मतदाताओं की संख्या में लगभग 7.6 प्रतिशत की सामूहिक गिरावट दर्ज की गई है।

पश्चिम बंगाल और राजस्थान में सबसे बड़ी कटौती राज्यों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक बदलाव देखने को मिले हैं। यहाँ मतदाता सूची से लगभग 58.2 लाख नाम हटाए गए हैं। आयोग के अनुसार, हटाए गए नामों में से 24.1 लाख से अधिक मतदाता मृत पाए गए थे, जबकि 19.8 लाख मतदाता दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके थे।

वहीं, राजस्थान में लगभग 42 लाख नाम हटाए गए हैं, जो राज्य के कुल मतदाताओं का 7.66 प्रतिशत है। राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यहाँ 8.75 लाख मृतक और 29.6 लाख ऐसे मतदाता पाए गए जो स्थायी रूप से अपने पते से शिफ्ट हो चुके थे।

केंद्र शासित प्रदेशों और छोटे राज्यों की स्थिति छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी सूची को दुरुस्त करने का काम तेजी से हुआ है। गोवा में लगभग 1.01 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 1.03 लाख से अधिक नाम सूची से बाहर हुए हैं।

लक्षद्वीप में भी लगभग 1,600 नामों को हटाया गया है। इन कटौतियों के मुख्य कारणों में मतदाताओं की मृत्यु, स्थायी स्थानांतरण, डुप्लीकेट प्रविष्टियाँ (एक से अधिक जगह नाम होना) और मतदाताओं का लापता होना शामिल है।

सुधार का अवसर और भविष्य की समयसीमा चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में जारी की गई सूची पूरी तरह अनंतिम है। राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि जिन वास्तविक मतदाताओं के नाम गलती से कट गए हैं, वे अभी भी अपना नाम जुड़वा सकते हैं।

दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 17 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 15 जनवरी 2026 तक चलेगी। सभी शिकायतों के निस्तारण के बाद, मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 14 फरवरी 2026 को किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले एक पारदर्शी और त्रुटिहीन मतदाता डेटाबेस तैयार करना है।