इंदौर : देश में चाइना के उत्पादों के तेजी से उपयोग को नियंत्रित करने के लिए अब वोकल फ़ॉर लोकल को प्राथमिकता दी जा रही है. अखिल भारतीय स्वदेशी संघ द्वारा अब जगह-जगह राष्ट्रीय विराट स्वदेशी हाट का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें स्वदेशी दुकानदारों के ठेठ भारतीय उत्पाद की बिक्री हो रही है.
पीएम मोदी का सपना साकार करने की मुहिम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान के चलते अब देशभर में वोकल फ़ॉर लोकल को प्राथमिकता दी जा रही है. इसी क्रम में राष्ट्रीय विराट स्वदेशी हाट का आयोजन इंदौर के मंगलसिटी स्थित दशहरा मैदान पर किया गया है. मेले के आयोजक राजेश पोरवाल ने बताया “मेले का आयोजन स्वदेशी विचारों को प्रबल बनाने के साथ ही राष्ट्र प्रेम की भावना विकसित करने के लिहाज से किया जा रहा है. इस हाट में देश के सभी राज्यों से आए कलाकार अपने स्वदेशी उत्पादों को सेल कर रहे हैं.”
विराट स्वदेशी मेले में 350 स्टॉल लगे
मेले में भारतीय शिल्प से जुड़े सामान के साथ ही लघु उद्योग, स्टार्टअप एमएसएमई द्वारा बनाए गए सामान भी हैं. मेले में स्टार्टअप एमएसएमई और अन्य भारतीय कंपनियों यूनिक और लग्जरी उपभोक्ता ठेठ भारतीय लोगों को उपलब्ध कराएंगे. फिलहाल बाजार में 350 स्टॉल लगाए गए हैं. हर स्टॉल भारतीयता और स्वदेशी आंदोलन से जुड़ा है. इस दौरान महिलाएं एवं बच्चों को स्वदेशी उत्पादों की जानकारी दी जाएगी.
इंदौर में स्वदेशी मेला 22 दिसंबर तक
आयोजन के सीईओ प्रणमय पोरवाल ने बताया “हर साल दूसरे देशों से सामान इंपोर्ट किए जाने पर भारत को विदेशी मुद्रा खर्च करनी होती है. इसके अलावा इंपोर्ट किए जाने वाले चीनी उत्पादों के कारण भारतीय स्वदेशी उत्पादों की बिक्री प्रभावित होती है. भारत में जो उत्पाद आसानी से तैयार हो रहे हैं, उनकी खरीदी देश में ही नहीं होती. ऐसे तमाम लोगों को स्वदेशी उत्पाद बेचने का मंच उपलब्ध कराया जा सके, इसके लिए राष्ट्रीय विराट स्वदेशी है का आयोजन 13 दिसंबर से शुरू हुआ जो 22 दिसंबर तक चलेगा.”
महिलाओं ने संभाली स्वदेशी की कमान
स्वदेशी आंदोलन के चलते भारतीय राष्ट्रवाद की भावना प्रबल होने के साथ लोगों का देश के प्रति अलग नजरिया उभर कर आता है. आयोजकों का कहना है कि स्वदेशी आंदोलन से जुड़ने वाले अधिकांश स्टार्टअप संचालक महिलाएं हैं, जो अपने स्टॉल मेले में लगा रही हैं, जिससे कि वहां आने वाले स्वदेशी ग्राहकों को उनके उत्पाद की जानकारी मिल सके.