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भारत विरोधी संगठनों को एकजुट कर रहा आईएसआई

पाकिस्तान में आतंकवादियों की बड़ी बैठक

इस्लामाबादः खुफिया सूत्रों से मिली रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर क्षेत्र में दो प्रमुख आतंकवादी संगठनों, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा, ने एक बड़ी संयुक्त बैठक की है। इस बैठक में भारत के खिलाफ बड़े आतंकी अभियानों और हमलों की योजना पर विस्तृत चर्चा की गई है। यह घटना भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है, क्योंकि यह दोनों कुख्यात समूहों के बीच बढ़ते समन्वय और एकीकरण का स्पष्ट संकेत है।

बहावलपुर, वही इलाका है जिसे भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निशाना बनाया था, वहां इन आतंकी समूहों का खुलेआम मिलना और संयुक्त रूप से भविष्य के हमलों की रणनीति बनाना पाकिस्तान की आतंकवाद-विरोधी दावों की पोल खोलता है। इंटेलिजेंस कम्युनिटी को मिली तस्वीरों और रिपोर्टों से पता चलता है कि इस बैठक में लश्कर के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी को जैश कमांडरों के साथ देखा गया था। सैफुल्लाह कसूरी और जैश-ए-मोहम्मद के सदस्यों का एक मंच पर आना यह दर्शाता है कि पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई के निर्देश पर ये समूह एक संयुक्त मोर्चे के रूप में काम कर रहे हैं।

खुफिया रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रावलकोट जैसे क्षेत्रों में नए आतंकी लॉन्च पैड फिर से सक्रिय किए जा रहे हैं। ये वही अड्डे हैं जिन्हें पहले भारतीय सेना द्वारा नष्ट कर दिया गया था। इसके अलावा, जैश-ए-मोहम्मद द्वारा दिल्ली में कार बम विस्फोट जैसी बड़ी फिदायीन (आत्मघाती) स्क्वॉड तैयार करने की भी खबरें हैं।

संगठन इन हमलों को अंजाम देने के लिए भारी मात्रा में धन भी जुटा रहा है। पाकिस्तान की धरती पर खुलेआम आतंकवादियों की यह संयुक्त गतिविधि स्पष्ट रूप से दिखाती है कि पाकिस्तान अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन कर रहा है और भारत में सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। भारत के लिए यह एक गंभीर सुरक्षा चुनौती है, जिसके मद्देनजर सीमा पर और आंतरिक सुरक्षा प्रणालियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।