Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
झारखंड में आरक्षण सुधार आंदोलन की 5 प्रमुख मांगें: व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर जोर लातेहार में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा सरहुल सरना स्थल: निर्माण के 2 साल में ही भरभराकर गिरी मंडप की छत... शोऑफ के लिए ₹10 हजार में खरीदा कट्टा: पलामू में आर्म्स एक्ट के तहत आधा दर्जन युवा जेल में, SP की सख्... रायपुर अवधपुरी मैदान में दही हांडी का महामुकाबला; विजेता को ₹10 लाख, महाराष्ट्र-MP की 26 टीमें लेंगी... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 24 साल पुराने भ्रष्टाचार केस में दोषी कर्मचारी की अपील खारिज, सजा ... सरगुजा के मैनपाट में दर्दनाक हादसा: उफनती घुनघुट्टा नदी में बहा केरल का छात्र; स्थानीय युवक ने बचाई ... सरगुजा में कोयला खदान में घुसा दंतैल हाथी: 1 घंटे तक मची अफरा-तफरी, पगोरिया जंगल में वन विभाग की निग... एक कप चाय ने बचाई 5 दोस्तों की जान: नेपाल की प्रलयंकारी बाढ़ से सुरक्षित लौटे रायपुर के नागरिक बिजली निजीकरण और बिलासपुर हिंसा पर सियासी घमासान: CM साय ने खारिज किए कांग्रेस के आरोप छत्तीसगढ़ राज्य खेल अलंकरण समारोह: 666 खिलाड़ियों को ₹1.74 करोड़ के पुरस्कार, CM विष्णु देव साय ने क...

गोहाना अनाज मंडी में बासमती धान के भाव में हुई बढ़ोतरी, किसानों के चेहरों पर लौटी रौनक

गोहाना : गोहाना की नई अनाज मंडी में इन दिनों बासमती धान के भाव में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। पिछले कुछ दिनों से बाज़ार में धान की कीमतें तीन सौ से चार सौ रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ी हैं। इस बढ़ोतरी ने किसानों के चेहरों पर फिर से रौनक ला दी है। शुरुआती सीजन में किसानों को उम्मीद के अनुरूप दाम न मिलने के कारण निराशा थी, लेकिन वर्तमान भावों ने उनकी चिंता कम कर दी है। मंडी में बढ़ते भावों के चलते किसानों की आवाजाही में भी इज़ाफा हुआ है। सुबह से ही किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और वाहनों में भरकर धान लेकर मंडी पहुँच रहे हैं, ताकि बढ़े हुए दामों का लाभ समय रहते उठाया जा सके।

किसानों का कहना है कि इस बढ़ोतरी से उन्हें राहत मिली है, क्योंकि इस सीजन की लागत पहले ही अधिक थी। चाहे वह खाद हो, डीज़ल हो या मजदूरी हो। ऐसे में बढ़े हुए रेट उनकी मेहनत की भरपाई करने में मदद करेंगे। कई किसान मानते हैं कि अगर भाव कुछ दिनों तक इसी स्तर पर स्थिर रहते हैं, तो इस सीजन को लाभदायक माना जा सकता है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार धान की फसल अच्छी हुई है, लेकिन लागत बढ़ने और अबकी बार फसलों में दाना कम निकलने के कारण किसानों को लगात भी पूरी नहीं हो रही थी। अबकी बार लेबर की कमी के चलते किसान मशीनों से अपनी फसलों की कटाई करवा रहे हैं, जिसके चलते उनकी फसलों में नमी की मात्रा भी अधिक थी और उनकी फसलों के भाव भी कुछ कम मिल रहे थे लेकिन अब किसान हाथ की कटाई से अपनी फसल को सूखा कर ला रहे है जिस के चलते भाव में तीन सौ से चार सौ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। धान के भाव में बढ़ोतरी होने से उनको फायदा होगा।

वहीं गोहाना अनाज मंडी में आढ़तियों की मानें तो पिछले तीन से चार दिनों से धान के भाव में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। धान के भाव बढ़ने से किसानों के साथ-साथ आढ़तियों को भी फायदा होगा। उनकी आढ़त में बढ़ोतरी होगी। किसान अब फिर अपना स्टॉक किया हुआ धान मंडी में लेकर पहुंच रहे हैं जिसके चलते मंडी में रोजाना एक लाख बोरी की आवक आ रही है।