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महीने भर बाद भी मासूम का नहीं मिला सुराग, मां ने पुलिस पर लगाए मारपीट के आरोप

ग्वालियर: कुछ समय पहले ग्वालियर में शिवाय नाम के मासूम का अपहरण हुआ तो, पूरा पुलिस अमला उसे खोजने में जुटा. नाके बंदी से लेकर हजारों सीसीटीवी कैमरे खंगाल डाले, अपहरण करने वाले भी इस दबाव में बच्चे को मुरैना में छोड़ कर भाग गए, लेकिन अब ग्वालियर में एक बच्चा पिछले 30 दिन से लापता है, लेकिन अब तक पुलिस के पास उसका कोई सुराग नहीं है. हालत ये है कि, पुलिस पर बच्चे की मां और उसके मायके पक्ष जान पहचान के लोगों को ही मानसिक प्रताड़ित और मारपीट के आरोप लग रहे हैं. यहां तक की इस केस के अगले सुराग के लिए पुलिस भगवान के दरबार में संदिग्ध आरोपियों की पेशी कराने जा रही है.

1 नवंबर को घर के बाहर से गायब हुआ था मासूम

ग्वालियर में 1 नवंबर 2025 को मोहनपुरा इलाके से गायब हुए 3 साल के मासूम रितेश पाल का महीना बीतने के बाद भी कोई सुराग नहीं है. पुलिस के पास सिर्फ एक ही जवाब है कि, ढूंढ रहे हैं, लेकिन वो मां जिसके सामने से उसका बेटा एक पल में गायब हो गया, ना सिर्फ बच्चे के लिए परेशान है, बल्कि जिस पुलिस से आस लगा रही है, कि वे उसका बेटा ढूंढ कर लाएगी, उसी से मानसिक प्रताड़ित हो रही है. ये आरोप खुद मासूम रितेश की मां सपना पाल और उसके मायके पक्ष के परिजन ने लगाया है. जो ग्वालियर एसपी कार्यालय में अपने साथ हो रही ज्यादतियों की शिकायत लेकर पहुंचे थे.

‘बच्चे को ढूंढने की बजाए पहचान वालों से मारपीट’

इन लोगों का कहना था कि, मीडिया में पुलिस कहती है की 500 लोग बच्चे को ढूंढने में लगे हैं, लेकिन उसे ढूंढने की जगह पुलिस उन्हें ही परेशान कर रही है. ईटीवी भारत से बातचीत में बच्चे की मां सपना पाल ने बताया कि, “एक महीना बीत गया है, लेकिन बच्चे को ढूंढने की जगह पुलिस के लोग उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं. जो लोग उनके पिता से जुड़े हैं, उन्हें घर से उठाया जा रहा है. उनके साथ मारपीट की जा रही है.

क्राइम ब्रांच की महिला पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप

सपना पाल का कहना है कि, “क्राइम ब्रांच की एक महिला अधिकारी हमसे जुड़े लोगों से मारपीट कर रही है. जिससे भी हमारी बात होती है. वह उसे ही पकड़ कर प्रताड़ित करने लगते हैं. जबकि ससुराल वालों के साथ कोई पूछताछ नहीं कर रहे, कोई मारपीट नहीं कर रहे, सिर्फ हम लोगों पर ही दबाव बना रहे हैं. जिन पर हमे शक है, उनके नाम बताये हैं. उन लोगों से भी कोई नहीं जानकारी नहीं जुटाई जा रही है. पुलिस को शक है, बच्चा हमारे पास है, लेकिन इस तरह हमारे जान पहचान वालों से मारपीट करना ठीक नहीं है.”

‘महिला पुलिसकर्मी ने कहा था मंदिर पर खाओ कसम, मान लेंगे अपहरण में हाथ नहीं’

पीड़ित मां सपना ने बताया कि, “क्राइम ब्रांच की महिला अधिकारी रचना कंसाना ने कहा था कि, दोनों पक्ष के लोग अगर गिरगांव महादेव पर सौगंध खा लेंगे, तो हम आपसे सहमत हो जाएंगे और फिर किसी और पर कार्रवाई करेंगे. उनके कहने पर पिछले हफ्ते जिन जिन लोगों को पुलिस ने बोला उन्हें लेकर हिरगांव मंदिर पर कसम खाने गए थे. फिर भी मैडम उन्हें मारपीट के लिए ले जा रही हैं. वो किस अधिकार से ऐसा कर रही हैं.

अगर बच्चा हमारे पास मिले तो फांसी चढ़ा दें, लेकिन ऐसे प्रताड़ित ना करें. उस दिन ससुराल वाले तो महादेव मंदिर पर आए थे, लेकिन उसके साथ के जिन लोगों पर हमें शक था, उन्हें नहीं लाया गया था. इसलिए उस दिन कसम नहीं खायी. अब मंगलवार को फिर से गिरगांव महादेव के मंदिर पर सभी लोग इकट्ठा होंगे और कसम खाएंगे.

बच्चे के मामा के पहचान वाले को पुलिस ने शक में बुलाया

इस मामले में पीड़ित टेकन सिंह बघेल भी एसपी ऑफिस आए थे. जिनका कहना था कि, वे बच्चे के मामा और सपना के भाई राजू को पहचानते थे. उनका व्यवहार और घर ने आना जाना रहता है. 1 नवंबर को भी वे सुबह सपना के घर गए थे. तब बच्चा बाहर ही खेल रहा था. वे करीब एक घंटा रुके फिर अपने नौकरी पर चले गए. दो तीन दिन बाद मुझे आशाराम ने फोन किया की मैडम बुला रही हैं. तो मैं ग्वालियर आ गया.”

पीड़ित ने लगाया पुलिस पर मारपीट का आरोप

टेकन सिंह ने बताया की, “शनिवार को रात 10 बजे पुलिस थाने ले गई. इसके बाद दरोगा और एक अन्य पुलिस वाले ने मिलकर लातें मारी, मारपीट की. लगातार बोलते रहे कि बच्चे का पता लगाओ कहीं से भी लाओ तुमने ही ही बच्चा गायब किया है. पीड़ित टेकन सिंह का कहना है की, वे एक सामाजिक व्यक्ति हैं और उनके जीवन में ऐसा कभी नहीं हुआ, लेकिन दुख इसी बात का है की, पुलिस बच्चे को ढूंढने की जगह बेकसूर लोगों को लाकर क्यों मार रही है. उन्होंने यह भी बताया कि खुद को सही साबित करने के लिए वे भी मंगलवार को गिरगांव महादेव की शरण में जाएंगे.

500 लोगों की टीम कर रही इन्वेस्टीगेशन

हालांकि इस पूरे मामले को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल का कहना है कि, “मुरार थाना क्षेत्र में मोहनपुरा गांव से जो बच्चा गायब हुआ है. उसके लिए 500 लोगों की अलग-अलग टीमें लगी हुई हैं. कुछ टीम सीसीटीवी फुटेज खंगालने में लगी हैं, कुछ टेक्निकल साक्ष्य जुटा रही हैं. कुछ टीमों द्वारा बच्चे के परिजन के रिश्तेदारों, पड़ोसी और जिनसे भी उन लोगों ने संपर्क किया है, पूछताछ में जुटी हुई हैं.” मामले में एएसपी ने पॉजिटिव रिजल्ट मिलने की संभावना जताई है.

‘मंदिर में जाना परिजन का निजी मामला’

वहीं जब उनसे गिरगांव महादेव पर परिजनों के जाने के संबंध में सवाल किया, तो उनका कहना था कि, “बच्चे की मां के मायके पक्ष और ससुराल पक्ष के लोग अगर अपने तरीके से बच्चे के बारे में जानकारी जुटाना चाहते हैं, तो वह उनका निजी और स्वतंत्र मामला है.” हालांकि जब मारपीट के आरोप के सम्बंध में उनसे पूछा गया तो उन्होंने सिर्फ यह कह कर बात खत्म कर दी कि, “अलग अलग टीमों द्वारा अपने तरीकों से परिजन और रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है उनके कथन लिए जा रहे हैं.”