शिवपुरी बनेगा एमपी का नया ‘डिफेंस हब’! 2500 करोड़ का निवेश और हजारों को नौकरी; जानें कब शुरू होगा प्लांट का काम
शिवपुरी: केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को अपने शिवपुरी-कोलारस प्रवास के दौरान जिले को विकास की बड़ी सौगातें दीं. दिनभर चले कार्यक्रमों में उन्होंने एक ओर 2500 करोड़ के रक्षा संयंत्र की घोषणा की, वहीं बदरवास क्षेत्र के बूढ़ाडोंगर में अदानी फाउंडेशन की जैकेट फैक्ट्री का शुभारंभ भी किया.
हथियारों की फैक्ट्री का हब बनेगा कोलारस
सिंधिया के अनुसार, रक्षा संयंत्र 2500 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के दो हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा. अब तक टमाटर के लिए जाना जाने वाला कोलारस अब देश में हथियारों की फैक्ट्री के लिए जाना जाएगा. कोलारस की माटी पर वह हथियार बनाए जाएंगे जो सरहद पर भारतीय जवानों को दिए जाएंगे, जिनके आधार पर वह भारतीय सरहदों की हिफाजत करेंगे.
राष्ट्रीय सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
करीब दो साल पहले प्रशासन द्वारा कोटा हाईवे पर ग्राम पाली में अडानी समूह को हथियारों की फैक्ट्री के लिए 100 हेक्टेयर भूमि का आवंटन किया है. जहां अगले दो महीने में फैक्ट्री निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.
विभिन्न परियोजनाओं का भूमिपूजन एवं लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कोलारस को विकास की महत्वपूर्ण सौगातें प्रदान की. इस दौरान उन्होंने 19 करोड़ 68 लाख रूपये की विभिन्न आधारभूत परियोजनाओं का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया. इसके अलावा प्रधानमंत्री जन-मन योजना के अंतर्गत बालक एवं बालिका छात्रावास का भूमिपूजन किया, साथ ही जनपद पंचायत भवन, कोलारस का भी शिलान्यास किया. सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के कार्य का भूमिपूजन भी किया गया, जो कोलारस में स्वच्छता और शहरी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.
अत्याधुनिक परिधान प्रशिक्षण एवं उत्पादन केंद्र का लोकार्पण
सिंधिया ने इसी क्रम में शनिवार को बदरवास में अडानी समूह के सहयोग से स्थापित अत्याधुनिक परिधान प्रशिक्षण एवं उत्पादन केंद्र का लोकार्पण कर क्षेत्र को एक बड़ी औद्योगिक सौगात दी. इस अवसर पर उन्होंने फैक्ट्री का विस्तृत निरीक्षण किया तथा सिलाई और बटन अटैचिंग मशीनों पर कार्यरत दीदियों से संवाद करते हुए उत्पादन प्रक्रिया को विस्तार से समझा.
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, यहां वर्तमान में 160 मशीनें लगी हैं, जिनकी संख्या चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 600 की जाएगी, जिससे लगभग 1800 महिलाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा. पहले एक दिन में लगभग 10 जैकेट का निर्माण संभव था, वहीं अब यह क्षमता बढ़कर प्रतिदिन 2000 जैकेट तक पहुंच गई है. यहां निर्मित जैकेट दिल्ली और मुंबई ही नहीं, बल्कि लंदन, पेरिस और जिनेवा जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचेंगे.”