भोपाल: साइबर अपराधी लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके आजमा रहे हैं. ओटीपी से अपराध लगभग कम हुए तो अब साइबर अपराधियों ने पार्सल डिलीवरी कॉल फारवर्डिंग स्कैम शुरू कर दिया है. ऐसे ही स्कैम के शिकार राजधानी भोपाल में वित्त विभाग के पूर्व निदेशक हो गए. जालसाजों ने उनका मोबाइल हैक कर दिया और उनके दोस्त, रिश्तेदारों से रुपए मांगने शुरू कर दिए. हालांकि गनीमत यह रही कि उन्हें समय रहते इसकी सूचना मिल गई. उन्होंने इसकी शिकायत साइबर क्राइम में की है.
इस तरह बनाया ठगी का शिकार
पुलिस के मुताबिक राजधानी भोपाल के अरेरा कॉलोनी में 66 साल के नितिन नांदगांवकर वित्त विभाग के डायरेक्टर रह चुके हैं. पिछले दिनों उनके पास एक कॉल आया. कॉलर ने खुद को ई कॉमर्स कंपनी का प्रतिनिधि बताया. उसने कहा कि उनका एक पार्सल है, जो उनके घर डिलीवर होना है, लेकिन डिलीवरी ब्वाय आपका एड्रेस नहीं खोज पा रहा. वह आपके मोबाइल पर संपर्क भी नहीं कर पा रहा है, इसलिए आपको उसका नंबर भेज रहा हूं. कृपया उसे कॉल कर लें.
इसके बाद कॉलर ने उन्हें एक स्टार 21 लगा हुआ एक नंबर भेजा. रिटायर्ड डायरेक्टर ने जैसे ही उस नंबर पर कॉल किया, उनका मोबाइल हैक हो गया. उनका वॉट्सअप लॉग आउट हो गया.
पत्नी के नंबर भी हुआ हैक
रिटायर्ड अधिकारी ने मोबाइल पर किसी और डिवाइस से वॉट्सअप चालू होने का मैसेज देखा तो उन्होंने अपनी पत्नी के मोबाइल से वॉट्सअप चालू करने की कोशिश की, लेकिन वह मोबाइल भी हैक हो गया. इसके बाद उनके नंबरों से उनके परिचितों और रिश्तेदारों के पास पैसे मांगने के मैसेज पहुंचने शुरू हो गए. हालांकि गनीमत यह रही कि जब रिश्तेदारों को यह मैसेज पहुंचे, तब सभी उनके साथ ही थे. रिश्तेदारों ने उन्हें बताया कि सामने होकर भी यह मैसेज क्यों भेज रहे हैं, तब उन्हें जालसाजी का पता चला. इसके बाद उन्होंन साइबर क्राइम में इसकी शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस ने किया अलर्ट
उधर घटना के बाद साइबर सेल के अधिकारी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने लोगों को अलर्ट किया है कि किसी के कहने पर अब कोई कोड वाला नंबर डायल न करें. यह एक तरह के कोड होते हैं, जिनको लगाकर नंबर डायल करने से मोबाइल हैक हो जाता है. जालसालों ने ठगी के लिए अब कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम शुरू किया है. इसमें वे अलग-अलग बहानों से कॉल कर किसी खास नंबर पर कॉल करने के लिए कहते हैं. ध्यान रखें कि कोई भी ई-कॉमर्स कंपनी ओटीपी नहीं मांगती और न ही कॉल फारवर्ड करने के लिए कहती हैं.