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अवैध प्रवासियों को असम से सीधे निकालने का अधिकार

75 साल पुराना कानून लागू, 5 बांग्लादेशियों को राज्य छोड़ने का आदेश

  • डेडलाइन  खत्म होने के बाद रातों-रात फरार

  • एक से ज़्यादा शादियों के खिलाफ कार्रवाई

  • बौद्ध मठ के  मुख्य साधु  पी.एस. पंग्री की हत्या

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटीः असम सरकार द्वारा गैर-कानूनी प्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के तहत, सोनितपुर जिले में पाँच व्यक्तियों को विदेशी नागरिक घोषित किया गया है। आंतरिक सुरक्षा के हित में उठाए गए इस कदम के तहत, इन पाँचों को निष्कासन कानून के तहत 24 घंटे के भीतर राज्य छोड़ने का नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ये व्यक्ति फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल (FT) द्वारा विदेशी ठहराए गए थे और उनके नाम सरकारी योजनाओं से भी हटा दिए जाएंगे।

ये पाँचों व्यक्ति – हनुफा, मरियम नेसा, फ़ातिमा, मोनोवारा और अमजद अली – सोनितपुर जिले के जमुगुरीहाट थाना क्षेत्र के धोबोकाटा गांव में रह रहे थे और इनकी पहचान बांग्लादेशी नागरिक के रूप में की गई है। सोनितपुर के डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर आनंद कुमार दास ने विदेशी (असम से निष्कासन) अधिनियम, 1950 के तहत 19 नवंबर को यह आदेश जारी किया था। आदेश में कहा गया था कि ये लोग नोटिस मिलने के 24 घंटे के अंदर धुबरी/श्रीभूमि/साउथ सलमारा-मनकाचर रूट से असम छोड़ दें। हालांकि, यह डेडलाइन गुरुवार को खत्म होने के बाद, पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये पाँचों कथित बांग्लादेशी फरार हो गए हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। यह कार्रवाई साल 2006 में पुलिस अधीक्षक (सीमा) द्वारा दर्ज मामलों पर आधारित है।

इस कानून का इस्तेमाल लंबे समय बाद सरकार और प्रशासन द्वारा किया गया है। इस फैसले पर कुछ मुस्लिम संगठनों ने नाराजगी भी जाहिर की है। यह कानून असम सरकार को बिना किसी लंबी कानूनी प्रक्रिया के अवैध प्रवासियों को सीधे निष्कासित करने का अधिकार देता है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को दोहराया कि राज्य सरकार अवैध गतिविधियों और बहुविवाह के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये कदम किसी एक समुदाय के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने रिपोर्टरों से बात करते हुए कहा कि राज्य में विभिन्न समूहों में बहुविवाह को लेकर चिंताएं हैं और शिकायतें मिलती हैं, जहां पहली पत्नी प्रभावित होती है। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि मिया समुदाय में ऐसे मामले अधिक हैं, लेकिन सरकार का दृष्टिकोण सभी के लिए समान है।

मुख्यमंत्री सरमा ने स्पष्ट किया कि उनके नेतृत्व में बेदखली का ऑपरेशन और बहुविवाह पर रोक लगाने के कदम जारी रहेंगे, और उन्होंने कहा, बेदखली का ऑपरेशन जारी रहेगा, एक से ज़्यादा शादियों का रिवाज खत्म होगा। मुझे कोई नहीं रोक सकता। राजनीतिक मोर्चे पर, मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आगामी 2026 विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों से पैसे इकट्ठा करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस उम्मीदवारों से टिकट पक्का करने के लिए ₹1 करोड़ एडवांस में और बाद में ₹3 करोड़ देने को कह रही है। सरमा ने दावा किया कि असम में कांग्रेस का कोई आधार नहीं बचा है और भाजपा अगले चुनाव में मजबूत जनादेश हासिल करेगी।

दूसरी ओर, ऑल इंडिया चकमा स्टूडेंट्स यूनियन ने असम के तिनसुकिया जिले में मार्गेरिटा सब-डिवीजन के पंग्री में इंथेम बौद्ध मठ के मुख्य साधु की संदिग्ध हत्या की कड़ी निंदा की है। साधु की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु ने स्थानीय लोगों और बौद्ध समुदाय में गहरा दुख और चिंता फैलाई है। संगठन ने इस घटना को बौद्ध मठवासी जीवन की पवित्रता पर बर्बर हमला बताते हुए, असम सरकार से तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने हत्या में शामिल लोगों की जल्द पहचान और गिरफ्तारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।