Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Datia Bypoll: 'दूल्हा पीछे आ रहा है...', दतिया उपचुनाव में दिखा नरोत्तम मिश्रा का अलग अंदाज, BJP प्र... Sonam Wangchuk Protest: वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर भड़के राहुल गांधी, कहा- सरकार का आधार 'असत्... Skyroot Aerospace Vikram 1: भारत के पहले प्राइवेट रॉकेट 'विक्रम-I' ने रचा इतिहास, जानें पवन चंदाना क... Ahmedabad Blast: अहमदाबाद की पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका, 8 लोगों की मौत, 15 घायल Indian Vlogger in Russia: रूस में पानी और केले की कीमत सुनकर हैरान हुआ भारतीय व्लॉगर, देखें वायरल वी... मंगल ग्रह पर पूरी की मैराथन की दूरी, देखें वीडियो Sonakshi Sinha Zaheer Iqbal: सलमान खान ने ही कराई थी सोनाक्षी-जहीर की मुलाकात, पढ़ें 7 साल की डेटिंग... इबोला के अंतिम मरीज को अस्पताल से छुट्टी हरियाणा में चालू हो गयी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन अमेरिका ने ईरान के पुलों को बनाया निशाना

पति का बनाना था, पत्नी का बन गया डेथ सर्टिफिकेट! अलीगढ़ की महिला पिछले 3 साल से खुद को ‘जिंदा’ साबित करने में जुटी, अधिकारियों की लापरवाही

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक महिला अपने पति का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने गई, लेकिन महिला के पति की जगह महिला का ही मृत्यु प्रमाण पत्र बना दिया गया. ये लापरवाही का मामला खैर तहसील के विकासखंड से सामने आया है, जहां चमन नगरिया गांव की रहने वाली सरोज देवी ने अपने मृत पति जगदीश प्रसाद के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन अधिकारियों की गलती से उनका खुद का ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया.

यह घटना 2022 से चली आ रही है और सरोज देवी, उनके बेटे को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं. इस गड़बड़ी के कारण सरोज देवी का आधार कार्ड, बैंक खाता और बाकी सरकारी योजनाओं से जुड़े कामकाज पूरी तरह से ठप हो चुके हैं. सरोज देवी के पति जगदीश प्रसाद की मृत्यु 19 फरवरी 2000 को हो गई थी. सरकारी कामों के लिए प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ने पर सरोज देवी ने 2022 में खैर विकासखंड कार्यालय में पति के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया.

महिला का जारी कर दिया मृत्यु प्रमाण पत्र

विकासखंड कार्यालय के सेक्रेटरी मधुप सक्सेना की लापरवाही से आवेदन में नामों की जांच किए बिना ही सरोज देवी का ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया. प्रमाण पत्र 1 दिसंबर 2022 को जारी किया गया, जिसमें सरोज देवी की मृत्यु की तारीख 19 अक्टूबर 2022 दर्ज की गई. यह स्पष्ट रूप से एक क्लर्कल गलती थी, जहां पति का नाम गलत तरीके से बदल दिया गया. इस गलत प्रमाण पत्र के कारण सरोज देवी को जीवित साबित करने में भारी परेशानी हो रही है. उनका आधार कार्ड अपडेट नहीं हो पा रहा, बैंक खाते फ्रीज हो गए हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा. बेटा भी मां के नाम पर होने वाले सभी कार्यों में फंस हुआ है.

SDM ने मामले की जांच कराई

सरोज देवी ने इस गड़बड़ी की शिकायत खैर के उप जिलाधिकारी से की. SDM ने मामले की जांच कराई और आदेश जारी किया कि सरोज देवी का गलत मृत्यु प्रमाण पत्र तुरंत रद्द किया जाए. SDM के आदेश पर विकासखंड अधिकारी को निर्देश दिए गए कि सही प्रक्रिया अपनाते हुए जगदीश प्रसाद के मृत्यु प्रमाण पत्र को जारी किया जाए. हालांकि, तीन साल बाद भी पूरी तरह सुधार नहीं हो सका है और सरोज देवी को अब भी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय स्तर पर भी इसकी निगरानी की जा रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर देरी बरती जा रही है.

‘मैं जिंदा हूं, लेकिन कागजों पर मर चुकी हूं’

पीड़िता सरोज देवी ने बताया, “मैं अपने पति का प्रमाण पत्र बनवाने गई थी, लेकिन अधिकारियों ने बिना जांच के मेरा नाम लिख दिया. अब मैं जिंदा हूं, लेकिन कागजों पर मर चुकी हूं. आधार और बैंक सब बंद हैं. तीन साल से चक्कर लगा रही हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही. उनका बेटा भी साथ में अफसरों से गुहार लगा रहा है, लेकिन प्रक्रिया की जटिलता के कारण राहत नहीं मिल पा रही.