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जैसलमेर से पकड़ा गया एक और जासूस

ऑपरेशन सिंदूर के बाद लगातार खुफिया एजेंसियां सक्रिय

राष्ट्रीय खबर

जयपुरः राजस्थान के जैसलमेर जिले में एक बड़ी सुरक्षा संबंधी कार्रवाई की गई है। गुरुवार, 25 सितंबर, 2025 को राजस्थान पुलिस की अपराध जांच विभाग (सीआईडी-इंटेलिजेंस) इकाई ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जिस पर पड़ोसी देश पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के लिए जासूसी करने का गंभीर आरोप है।

यह गिरफ्तारी जैसलमेर के बासनपीर जूनी इलाके के निवासी हनीफ खान नामक एक 47 वर्षीय व्यक्ति की हुई है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि खान ने कथित तौर पर पैसों के लालच में आकर भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय और संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजी थी।

सीआईडी-इंटेलिजेंस के महानिरीक्षक (आईजी) डॉ. विष्णुकांत ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि उनकी खुफिया टीमें राज्य में, विशेषकर सीमावर्ती इलाकों में, होने वाली किसी भी तरह की जासूसी गतिविधियों पर लगातार कड़ी निगरानी रख रही हैं।

इसी निगरानी अभियान के दौरान, खुफिया टीम को हनीफ खान की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में पता चला। उसकी गतिविधियों की गहराई से जांच शुरू की गई, जिसमें यह खुलासा हुआ कि खान न केवल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के साथ नियमित रूप से संपर्क में था, बल्कि वह उनके साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान भी कर रहा था।

हनीफ खान की गिरफ्तारी को इसलिए भी अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सीमावर्ती जिले जैसलमेर का निवासी होने के नाते सीमावर्ती क्षेत्रों तक उसकी पहुँच काफी आसान थी। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने पाकिस्तानी हैंडलर्स को भारतीय सेना के महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठानों, इकाइयों की तैनाती, और सैनिकों की गतिविधियों से संबंधित जानकारी साझा की थी।

आईजी डॉ. विष्णुकांत ने बताया कि यह जासूसी का मामला पुलिस के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सामने आया। उन्होंने पुष्टि की कि ऑपरेशन के दौरान ही यह पता चला कि हनीफ खान एक पाकिस्तानी हैंडलर के सीधे संपर्क में था और वह लगातार सेना की गतिविधियों से जुड़ी ख़ुफ़िया जानकारी उन्हें मुहैया करा रहा था।

गिरफ्तार व्यक्ति के मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण करने और उसकी गतिविधियों की आगे की गहन जांच करने पर यह बात पूरी तरह से पुष्ट हो गई कि हनीफ खान आर्थिक लाभ के उद्देश्य से आईएसआई को भारत की महत्वपूर्ण सैन्य खुफिया जानकारी पहुंचा रहा था।

अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि पुख्ता और अकाट्य सबूत जुटाने के बाद ही सीआईडी ​​इंटेलिजेंस ने आधिकारिक रूप से कार्रवाई की। हनीफ खान के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, के तहत एक मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद उसे गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया। यह गिरफ्तारी भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की सीमा पर होने वाली राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों पर पैनी नज़र का प्रमाण है।

गौरतलब है कि इस वर्ष जैसलमेर जिले में जासूसी के आरोप में यह चौथी गिरफ्तारी है, जो इस बात को दर्शाती है कि दुश्मन एजेंसियां सीमावर्ती क्षेत्रों के भोले-भाले या लालची व्यक्तियों का इस्तेमाल करके भारत की सुरक्षा को भेदने की लगातार कोशिश कर रही हैं।