Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Ratlam Dam Accident: रतलाम में पिकनिक मनाने गए दो छात्रों की डूबने से मौत, सिस्टम की लापरवाही आई साम... Bhopal News: निगम कमिश्नर के एक मैसेज से हड़कंप, वियतनाम से जुड़ा है ये हैरान करने वाला मामला Ujjain Mahakal: माथे पर तिलक और गले में माला, महाकाल मंदिर में पहचान छिपाकर घूम रहा था मुस्लिम युवक,... Bhiwadi Factory Blast: भिवाड़ी में कपड़े की फैक्ट्री में चल रहा था पटाखों का अवैध काम, धमाके में 7 क... Crime News: शादी की बात करने पहुंचे बॉयफ्रेंड पर भाइयों का खौफनाक हमला, ब्लेड से रेता गला; लगे 18 टा... MP Congress Recruitment: मध्य प्रदेश कांग्रेस में प्रवक्ताओं की भर्ती, 'टैलेंट हंट' के जरिए मिलेगी न... Jodhpur Sadhvi Prem Baisa Case: साध्वी प्रेम बाईसा की मौत मामले में 20 दिन बाद FIR दर्ज, कंपाउंडर पर... Delhi Zoo Animal Adoption: अब आप भी गोद ले सकते हैं बाघ और हिरण, दिल्ली चिड़ियाघर ने जारी की जानवरों... Weather Update 2026: दिल्ली में अगले 24 घंटे में बारिश का 'Yellow Alert', पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर... Falgun Amavasya 2026: फाल्गुन अमावस्या पर पितरों को कैसे करें प्रसन्न? राशि अनुसार दान से चमक जाएगी ...

दो सरकारी बैंक होंगे विश्व के शीर्ष 20 बैंकों में शामिल

वैश्विक बैंकिंग प्रतिस्पर्धा में शामिल होने की भारत की तैयारी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारत सरकार ने 2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ बैंकिंग क्षेत्र में बड़े सुधारों की तैयारी शुरू कर दी है। इस योजना के तहत, सरकार का लक्ष्य है कि देश के दो प्रमुख सरकारी बैंकों को दुनिया के शीर्ष 20 बैंकों की सूची में शामिल किया जाए। वर्तमान में, भारत का सबसे बड़ा बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, संपत्ति के मामले में 43वें स्थान पर है, और कोई भी भारतीय बैंक शीर्ष 20 में नहीं है।

शुक्रवार को, वित्तीय सेवा विभाग के सचिव ने सभी सरकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों और अन्य अधिकारियों के साथ मंथन 2025 नामक एक बैठक की शुरुआत की, जो शनिवार को भी जारी रही। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में सरकारी बैंकों की भूमिका में तेजी से बदलाव आएगा। भारत की बढ़ती जरूरतों और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को देखते हुए, बैंकों को भी अपनी कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तन करने होंगे।

बैठक में इस बात पर विस्तार से चर्चा की गई कि ग्राहकों को विकसित देशों जैसी उन्नत बैंकिंग सुविधाएं कैसे दी जा सकती हैं। इसके लिए सभी बैंकों को उन कारणों पर ध्यान देने को कहा गया है, जिनसे ग्राहक असंतुष्ट होते हैं। बैंकों को ग्राहकों की प्रतिक्रिया और उनकी असंतुष्टि से जुड़े डेटा का विश्लेषण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, सभी बैंकों में ग्राहक सेवा से जुड़े नियमों को एक समान बनाने पर भी चर्चा हुई, क्योंकि अभी अलग-अलग बैंकों के नियम अलग हैं। निजी बैंकों को भी अपनी ग्राहक सेवाओं को और सरल बनाने के लिए कहा जा रहा है।

इस मंथन बैठक में सभी बैंकों को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम और कृषि क्षेत्र को मिलने वाली फंडिंग में वृद्धि करने के लिए भी कहा गया है। बैंकिंग क्षेत्र में सुधारों के लिए ‘मंथन’ का यह आयोजन पहले भी दो बार किया जा चुका है।