Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की तैयारी ममता का अल्टिमेटम: "अगर हमारे अधिकार छीने तो हम भी चैन से बैठने नहीं देंगे", ED की रेड को बताया रणनी... धामी सरकार का बड़ा फैसला! अंकिता हत्याकांड की गुत्थी अब सुलझाएगी CBI, 'VIP' के नाम से उठेगा पर्दा MP पुलिस की 'खाकी' पर खून के दाग! 5 लाख की वसूली और टॉर्चर से तंग आकर युवक ने दी जान, सुसाइड नोट में... के. लक्ष्मण संभालेंगे मोर्चा! ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम कटने से बढ़ी टेंशन, बीजेपी ने बनाया 'इलेक्श... दहशत में वैशाली! बीजेपी नेता के भाई की संदिग्ध मौत, कमरे का नजारा देख कांप उठी रूह; हत्या या आत्महत्... LAC और LOC पर 'अदृश्य' पहरा: सेना के बेड़े में शामिल हुआ सोलर ड्रोन, हफ्तों तक आसमान से करेगा दुश्मन... रेत माफिया पर ED का 'सर्जिकल स्ट्राइक': कई राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी, मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता ... ED की रेड में पुलिस का 'एक्शन': जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया- बंगाल में कानून का नहीं, 'दबाव' का चल... केजरीवाल ने जनता को ठगा!" मंत्री आशीष सूद का विस्फोटक दावा, बताया किन 3 वादों पर बोले गए सबसे बड़े झ...

राजधानी में भी चल रही फुलेरा पंचायत की सरकार

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली भाजपा पर जोरदार हमला बोला

  • सीएम के पति बैठकों में मौजूद दिखे

  • रेखा गुप्ता के बगल में कुर्सी पर हैं

  • यह कौन सी सरकार चल रही है

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा एक तस्वीर साझा करने के बाद दिल्ली की राजनीति में हंगामा मच गया है। आप ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर यह आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के पति आधिकारिक बैठकों में शामिल होते हैं। आप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया खाते एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, क्या दिल्ली में फुलेरा पंचायत जैसी सरकार चल रही है? मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एक बैठक कर रही हैं, जिसमें सभी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद हैं, लेकिन उनके बगल की कुर्सी पर उनके पति मनीष गुप्ता बैठे हैं।

आप नेता सौरभ भारद्वाज ने इस मामले पर सोशल मीडिया पर लिखा है कि दिल्ली सरकार फुलेरा पंचायत बन गई है, जैसे फुलेरा पंचायत में महिला मुखिया के पति मुखिया की तरह काम करते थे, आज दिल्ली में मुख्यमंत्री के पति आधिकारिक बैठकों में बैठ रहे हैं। भारद्वाज ने आगे लिखा, हमने पहले भी बताया था कि मुख्यमंत्री के पति आधिकारिक बैठकों में बैठते हैं, अधिकारियों के साथ बैठकें और निरीक्षण करते हैं। यह पूरी तरह से गैर-संवैधानिक है।

उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था का इस तरह मज़ाक उड़ाया जा रहा है। परिवारवाद के मुद्दे पर कांग्रेस को बार-बार कोसने वाली भाजपा अब बताए कि क्या यह परिवारवाद नहीं है? क्या दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी की मुख्यमंत्री के पास ऐसा कोई कार्यकर्ता नहीं बचा है, जिस पर वे भरोसा कर सकें? ऐसा कौन सा काम है जो केवल परिवार का सदस्य ही कर सकता है?

भारद्वाज ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर मुख्यमंत्री अपने पति का अधिकार क्यों स्थापित करना चाहती हैं? किस वजह से इस तरह अपने पति को सरकारी प्रशासनिक तंत्र का हिस्सा बनाया जा रहा है? उन्होंने यह भी बताया कि ये तस्वीरें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के व्यक्तिगत और उनके कार्यालय के आधिकारिक इंस्टाग्राम खातों से ली गई हैं।