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हैदराबाद में मूसी नदी में मगरमच्छ दिखने से दहशत

वन विभाग के स्थानीय नागरिकों को स्पष्ट चेतावनी जारी की

राष्ट्रीय खबर

हैदराबादः हैदराबाद के चैतन्यपुरी में मूसी नदी में एक मगरमच्छ के देखे जाने से स्थानीय निवासियों में भारी दहशत फैल गई है। यह घटना बुधवार, 30 जुलाई, 2025 को सुबह हुई, जब कोठापेट के फणीगिरी कॉलोनी स्थित शिव मंदिर के पास टहल रहे कुछ स्थानीय लोगों ने नदी के किनारे इस विशालकाय सरीसृप को देखा। मगरमच्छ के अचानक दिखने से लोगों में घबराहट फैल गई और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

पुलिस के जवान फौरन मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए वन विभाग के अधिकारियों को बुलाया। वन अधिकारियों की एक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और पूरी स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। हालांकि, उन्होंने बताया कि जब तक मगरमच्छ पानी में है, तब तक उसे पकड़ना बेहद मुश्किल है। मगरमच्छ पानी में तेजी से चल सकता है और छिपने के लिए कई जगहें ढूंढ सकता है, जिससे उसे पकड़ने का प्रयास खतरनाक और अप्रभावी हो जाता है।

इसके बावजूद, वन विभाग ने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाए हैं। उन्होंने मूसी नदी के किनारे कई चेतावनी बैनर लगाए हैं, जिनमें स्थानीय लोगों को नदी के पास न जाने और अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इन बैनरों में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि नदी में मगरमच्छ मौजूद है और किसी भी प्रकार के खतरे से बचने के लिए सतर्क रहना आवश्यक है।

विभाग ने स्थानीय लोगों से आग्रह किया है कि वे बच्चों और पालतू जानवरों को नदी से दूर रखें। यह इस हफ्ते मूसी नदी में मगरमच्छ देखे जाने की दूसरी घटना है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता और बढ़ गई है। इससे पहले, इसी हफ्ते की शुरुआत में, किशनबाग के असद बाबा नगर स्थित मूसी नदी में भी एक मगरमच्छ देखा गया था। उस घटना के बारे में स्थानीय लोगों ने बताया था कि मगरमच्छ नदी में पानी पीने आने वाली बकरियों पर हमला कर रहा था। इन लगातार हो रही घटनाओं ने मूसी नदी में मगरमच्छों की बढ़ती आबादी और उनके व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और मगरमच्छ की गतिविधियों को ट्रैक कर रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य मगरमच्छ को पकड़कर उसे किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाना है, लेकिन यह तभी संभव हो पाएगा जब मगरमच्छ पानी से बाहर आए। तब तक, लोगों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक सावधानी बरती जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को देने की अपील की है। इस घटना ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में वन्यजीवों के बढ़ते हस्तक्षेप और उनके साथ सह-अस्तित्व की चुनौतियों को उजागर किया है।