Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Chhindwara News: रिटायर्ड PWD अधिकारी और भाई के ठिकानों पर EOW का छापा, आय से अधिक संपत्ति की जांच श... Love Triangle Crime: 10 साल की दोस्ती का खौफनाक अंजाम! पूर्व प्रेमी ने किया किडनैप, युवती और दोस्त क... Ratlam Crime News: थाने की हवालात में बेटी से दुष्कर्म के आरोपी ने लगाई फांसी, पजामे के नाड़े से बना... Indore News: भीषण गर्मी के चलते इंदौर कलेक्टर का बड़ा आदेश, बदला गया स्कूलों का समय Wildlife Success Story: मध्य प्रदेश के लिए बड़ी खुशखबरी! बाघों के गढ़ में आबाद हुआ बारहसिंगा का कुनब... MP Weather Update: मध्य प्रदेश में झुलसाने वाली गर्मी, 25 शहरों में पारा 40 पार; मौसम विभाग का 'लू' ... High Court Decision: 'जेंडर के आधार पर रोजगार से रोकना असंवैधानिक', नर्सिंग ऑफिसर परीक्षा में अब पुर... Bhopal Crime News: बेखौफ बदमाश! भोपाल में बीच सड़क पर किराना व्यापारी की गोली मारकर हत्या नारी वंदन कार्यक्रम में CM ने राजमाता को किया याद, 'तीन तलाक' से मुक्ति और महिला सशक्तिकरण का श्रेय ... Jabalpur News: अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, पहले ही दिन उमड़ी भारी भीड़, बुलानी पड़ी ...

न्याय व्यवस्था को सुधार की सख़्त ज़रूरत: जस्टिस गवई

सार्वजनिक मंच से सीजेआई ने वर्तमान स्थिति पर कड़ी टिप्पणी की

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई ने एक महत्वपूर्ण बयान में कहा है कि भारतीय न्याय व्यवस्था अनोखी चुनौतियों का सामना कर रही है और इसे सुधार की सख़्त ज़रूरत है। शनिवार को एक कार्यक्रम में विधि स्नातकों को संबोधित करते हुए, न्यायमूर्ति गवई ने न्यायपालिका के समक्ष मौजूद गहरे मुद्दों को स्पष्ट रूप से स्वीकार किया।

मुख्य न्यायाधीश ने भारतीय न्याय प्रणाली की सबसे पुरानी और गंभीर समस्याओं में से एक, न्यायिक देरी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि दशकों से चले आ रहे मुकदमे और विचाराधीन कैदियों की पीड़ा एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। ये वे मुद्दे हैं जो न केवल व्यक्तियों के जीवन को प्रभावित करते हैं, बल्कि न्याय के सिद्धांतों को भी कमजोर करते हैं।

न्यायमूर्ति गवई ने न्यायपालिका के भीतर मौजूद चुनौतियों को स्वीकार करते हुए भी भविष्य के प्रति सतर्कतापूर्वक आशावादी होने की बात कही। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएँ उन समस्याओं को हल करने में मदद कर सकती हैं जिनका हम वर्तमान में सामना कर रहे हैं। यह टिप्पणी इस बात पर बल देती है कि न्यायपालिका को देश के सबसे प्रतिभाशाली दिमागों की आवश्यकता है ताकि वह अपनी समस्याओं का समाधान खोज सके।

उन्होंने अगली पीढ़ी के विधि पेशेवरों से ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ व्यवस्था में सुधार की जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया। मुख्य न्यायाधीश ने युवा वकीलों को सलाह दी कि वे अपने करियर में प्रभाव के बजाय ईमानदारी को मार्गदर्शक सिद्धांत चुनें। यह सलाह इस बात पर जोर देती है कि न्यायपालिका की अखंडता बनाए रखने के लिए नैतिक मूल्यों का पालन करना कितना महत्वपूर्ण है।

अपने संबोधन में, न्यायमूर्ति गवई ने छात्रों को अपने परिवारों पर आर्थिक बोझ डालने से बचने के लिए छात्रवृत्ति के माध्यम से विदेश में शिक्षा प्राप्त करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। यह दर्शाता है कि मुख्य न्यायाधीश न केवल न्यायपालिका की समस्याओं के प्रति सचेत हैं, बल्कि वे युवा विधि पेशेवरों के लिए बेहतर शैक्षिक अवसरों के महत्व को भी समझते हैं।

इस दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता तेलंगाना उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुजॉय पॉल ने की। इस अवसर पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा भी उपस्थित थे, जो इस बात को रेखांकित करता है कि न्यायपालिका में सुधार की आवश्यकता पर विभिन्न हितधारकों का ध्यान केंद्रित है।

न्यायमूर्ति गवई का यह बयान भारत की न्याय प्रणाली में मूलभूत परिवर्तनों की आवश्यकता को दर्शाता है। यह स्पष्ट है कि न्यायिक देरी, विचाराधीन कैदियों की समस्या और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए व्यापक और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। क्या भारत की अगली पीढ़ी के विधि पेशेवर इन चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं?