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ईरान इजरायल युद्ध रोकना चाहते हैं पुतिन

युद्धरत दोनों देशों के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति भी संदेश दिया

  • सऊदी अरब के राष्ट्रपति से चर्चा की है

  • अमेरिकी रुख को लेकर असमंजस का दौर

  • रूस के बयान से अब मामला पेचिका हो गया

मॉस्कोः रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सऊदी अरब के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बात की। क्रेमलिन का दावा है कि उन्होंने ईरान और इजरायल के हालात पर चर्चा की। पुतिन ने सऊदी राष्ट्रपति से कहा कि रूस पश्चिम एशिया में संघर्ष को रोकने के लिए मध्यस्थता के लिए तैयार है।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सऊदी अरब के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बात की। क्रेमलिन का दावा है कि उन्होंने ईरान और इजरायल के हालात पर चर्चा की। पुतिन ने सऊदी राष्ट्रपति से कहा कि रूस पश्चिम एशिया में संघर्ष को रोकने के लिए मध्यस्थता के लिए तैयार है।

क्या अमेरिका सीधे तौर पर ईरान-इजरायल युद्ध में शामिल होगा? हालांकि व्हाइट हाउस ने इस संबंध में कोई संकेत नहीं दिया है, लेकिन ट्रंप की कुछ हालिया टिप्पणियों के बाद अमेरिका के युद्ध में शामिल होने की अटकलें बढ़ गई हैं। ईरान-इजरायल संघर्ष में अमेरिका शुरू से ही इजरायल के साथ खड़ा रहा है। ईरान का यह भी दावा है कि ट्रंप हर तरह से इजरायल की मदद कर रहे हैं।

हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति दावा करते रहे हैं कि वे युद्ध नहीं, शांति चाहते हैं! इतना ही नहीं, मंगलवार को ईरान को चेतावनी देने के बाद ट्रंप ने कथित तौर पर व्हाइट हाउस में अमेरिकी खुफिया अधिकारियों से मुलाकात की। पता चला है कि उस बैठक में अमेरिका के अगले कदमों पर भी चर्चा हुई। ट्रंप ने मंगलवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की।

नेतन्याहू भी चाहते हैं कि अमेरिका इस युद्ध में सैन्य हस्तक्षेप करे ताकि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम बंद कर दे। पिछले शुक्रवार को इजरायली सेना ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की थी। इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच तनातनी जारी है। तनातनी के माहौल में पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण स्थिति है। इजरायल का दावा है कि ईरान उसके आम नागरिकों पर हमला कर रहा है। दूसरी ओर आरोप है कि मंगलवार रात ईरान के कई तेल ठिकानों पर हमला किया गया। इसके बीच ही पुतिन के इस बयान को गंभीरता से लिया जा रहा है।