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अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करेगा एमएचए

पूर्व के एलान के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल

  • चार साल की समय सीमा है इन  सैनिकों की

  • पच्चीस प्रतिशत को सेना में रखा जाएगा

  • शेष के पुनर्वास के लिए कई योजनाएं

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः केंद्र सरकार ने अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने और उनके लिए नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गृह मंत्रालय को अब उन अग्निवीरों के करियर में प्रगति की सुविधा प्रदान करने का कार्य सौंपा गया है जो रक्षा बलों में अपनी चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सेवामुक्त हो जाएंगे। यह निर्णय भारत सरकार (कार्य आवंटन) नियम, 1961 में 16 जून की राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से किए गए संशोधन के बाद आया है।

इस संशोधन का सीधा अर्थ यह है कि गृह मंत्रालय अब पूर्व अग्निवीरों के लिए आगे के पेशेवर भविष्य से संबंधित सभी गतिविधियों का समन्वय करेगा। सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के साथ मिलकर काम करेगा ताकि अग्निवीरों को उनकी चार साल की सेवा पूरी होने के बाद सुगमता से नई भूमिकाओं में समायोजित किया जा सके।

गौरतलब है कि अग्निपथ योजना के तहत, रक्षा बल अपने कुल अग्निवीरों में से 25% को ही स्थायी सेवा में रखेंगे, जबकि शेष 75 प्रतिशत को चार साल बाद सेवामुक्त कर दिया जाएगा। अग्निवीरों का पहला बैच, जो 2022 में पास आउट हुआ था और पूरे भारत में विभिन्न इकाइयों और संरचनाओं में तैनात किया गया था, 2026 में अपनी सेवा पूरी करेगा। ऐसे में इन 75 फीसद अग्निवीरों का पुनर्वास एक महत्वपूर्ण चुनौती बन जाएगा।

इस चुनौती से निपटने और इन पूर्व अग्निवीरों के लिए एक स्थिर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए, गृह मंत्रालय पहले ही कई कदम उठा चुका है। पिछले साल, मंत्रालय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स में उनके लिए 10 प्रतिशत रिक्तियां आरक्षित करने का निर्णय लिया था। यह आरक्षण अग्निवीरों को अपनी सैन्य सेवा के बाद भी देश की सेवा करने का अवसर प्रदान करेगा।

इसके अतिरिक्त, सूत्रों ने बताया कि पूर्व अग्निवीरों की आगे की प्रगति के समन्वय और निगरानी के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी स्थापित किया जाएगा। यह पोर्टल अग्निवीरों को उपलब्ध अवसरों तक पहुंचने और उनके पुनर्वास प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने में मदद करेगा। यह पहल न केवल अग्निवीरों के लिए एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करेगी बल्कि उनके कौशल और अनुशासन का उपयोग देश के विभिन्न क्षेत्रों में करने में भी सहायक होगी। यह कदम सरकार की अग्निवीरों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और यह सुनिश्चित करता है कि उनका योगदान केवल चार साल की सेवा तक सीमित न रहे, बल्कि राष्ट्र निर्माण में उनका महत्वपूर्ण योगदान जारी रहे।