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हनीमून : एकला चोलो रे !, देखे हास्य वीडियो

प्रकाश सहाय

घोर कलियुग में शहद और चांद के साथ राहु केतु मंगल शनि सब के सब नीच राशि में योग बना कर धमा चौकड़ी मचाने लगे हैं… नक्षत्र गोचर एकदम हाहाकारी बन गए हैं…मधुमास में श्राद्ध मास तीसरे भाव में चुपके से प्रवेश कर गया है …असर दिखने लगा है ..

हनी ललका छोटका मिर्चाई जैसा घनघोर तीता  हो गया है और मून पर तो खून चेतक माफिक सवारी के रहा है..हब्बी समाज की दुर्दशा से द्रवित होकर

हरिद्वार के साधु संत प्रवचन करने लगे है :

” इससे पहले कोई आपको  हनीमून से लाये मटकी या जार में …कुछ दिन तो गुजारिए हरिद्वार में ..”

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नीले ड्रम के खौफनाक सदमे से पति परमेश्वर लोग अभी भली भांति उबरे नहीं थे कि चंदा मामा कंस बन कर मधुमक्खी जैसा जानलेवा डंक मारने लगा है …

जब से पति परमेश्वर .. ए जी..हब्बी बने हैं तब से कभी नीले ड्रम में सीमेंट के साथ चिरनिंद्रा में जमे हैं

तो कभी गहरी खाई में पड़े…

इस गाने को चरितार्थ कर रहे हैं :

” वादियां मेरा दामन

रास्ते मेरी बाहें

जाओ मेरे सिवा तुम कहां जाओगे ”

बॉलीवुडियन कल्चर का हब्बी समाज अकिल का अलमारी बन गया हैं ..बुद्धि के बटलोही बन गया और प्रतिभा के परात तो पहिले से ही था…इसी अकड़ में अपनी बेबी जानू हनी डॉल को क़तील सिफाई और फैज अहमद फैज के अंदाज में पहली रात ही कह दिया फिल्मी स्टाइल में :

” वाह ! बेहद कातिल लग रही हो .”..

अब पहली रात में चार पैग के शुरूर !

और ऐसे में कातिल का तमगा …  डॉल का पर्सनालिटी  तो डोलेगा ही ..लेकिन इस कदर चक्करघिन्नी खायेगा कि  हब्बी की जान प्राण में फांस लग जाएगा ..कभी सोचा ना था …

सब ग्रह नक्षत्र गोचर का क्रिकेट है ..तभी तो

जब से मधुमास में श्राद्ध मास ने प्रवेश किया है तब से परिवार में हनी नागफणी बन चुकी है और मून कंस मामा …

कल खबर छपी कि गोवा में हब्बी गायब और बेबी अकेली अपने डैड होम पहुंची ..किसी को कोई अचरज नहीं हुआ ..सब हब्बी के पीसेस को ढूंढने में लगे हैं

इस नए ट्रेंड से कलियुगी लाभ के भी साक्षात् दर्शन हो रहे हैं ..

हब्बी लोगों पर राहु केतु शनि मंगल की छाया एक साथ देख कर इंटेलिजेंट बेरोजगार संघ को रोजगार के गोल्डन अवसर दिखाई देने लगे है ..

शहरों में अब हब्बी सुरक्षा जागरूकता ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खुलने लगे हैं

मधुमास के दौरान अपनी सुरक्षा कैसे करें के टिप्स दिए जा रहे हैं… फीस दीजिए और मधुमास को श्राद्ध मास से दूर रखिए ..मुफ्त  डिस्प्ले एडवांस में दिए जा रहे

इसके अलावा किसीम किस्म के रोजगार उभरने लगे हैं …

हनीमून सिक्यूरिटी के दफ्तर भी खुलने लगे हैं ..उत्तम टिकाऊ सुरक्षा की गारंटी के साथ चांद की शीतल चांदनी में लीची का शहद चाटे निफिक्र होकर ..हब्बी के वन पीस में घर लौटने की फुल गारंटी ..

दूरदर्शी मां बाप तो शादी के पहले शर्त रख रहे है कि ..

हनीमून पर अपने बबुआ को उसकी बेबी के साथ अकेले नहीं जाने देंगे ..पूरा परिवार जायेगा  बोरिया बिस्तर सहित …

वैसे कलियुग में कुछ परंपरागत संस्कारी इंटेलिजेंट दूल्हा बचे हैं जिन्हें हब्बी  की पदवी स्वीकार नहीं ..फिर भी बेबी डॉल के साथ चांद देखकर शहद चाटने का जोखिम उठाना नहीं चाहते ..वे ” गुरुदेव ” मुल्तानी भाई की शरण में पधारें ..हल्के  संशोधन के साथ …

” जोदि केउ होनिमून चोले डाके तुमि एकला चोलो रे ! “..