अदम्य साहस और बलिदान को किया याद
-
आगामी 26 जुलाई तक चलेंगे कार्यक्रम
-
कैप्टन विजयंत थापर के घर पर भी गये
-
पूरे देश में शहीद परिवारों तक पहुंच रहे है
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: 26वें कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में भारतीय सेना ने एक अनूठी पहल शुरू की है। करीब डेढ़ महीने तक चलने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के तहत, सेना कारगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले योद्धाओं के परिजनों को उनके घर जाकर सम्मानित कर रही है। मंगलवार को इस कड़ी में कैप्टन विजयंत थापर (वीर चक्र) सहित 65 शूरवीरों के परिवारों को उनके घर जाकर आभार व्यक्त किया गया।
सेना ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य इन वीर सैनिकों के अदम्य साहस और शौर्य की पराकाष्ठा के बारे में परिजनों और देशवासियों को जानकारी देना है। इसके साथ ही, सेना के अधिकारी सम्मानपूर्वक स्मृति चिन्ह भेंट कर इन परिवारों को सम्मानित कर रहे हैं।
एक सेना दल कैप्टन थापर के नोएडा स्थित आवास पर पहुंचा और उनके माता-पिता से मुलाकात कर उन्हें आभार पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट किया। इसी तरह, दिल्ली में वीर चक्र से सम्मानित राइफलमैन अनसुया प्रसाद की पत्नी, जयपुर में हवलदार बस्ती राम की पत्नी, कुरुक्षेत्र में लांस नायक गुरमेल सिंह के माता-पिता, राजस्थान के वैशाली नगर में नायक आनंद सिंह की पत्नी और देहरादून में सेना पदक से सम्मानित हवलदार हरिओम के परिजनों सहित 60 से अधिक योद्धाओं के परिवारों से मुलाकात की गई।
सेना का यह कदम शूरवीरों को सम्मान देने के साथ-साथ यह भी बताता है कि देश अपने वीर बलिदानियों को कभी नहीं भूलता। सेना के इस कदम से इन परिवारों में गहरी भावनात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। सेना के अनुसार, ये कार्यक्रम विजय दिवस यानी 26 जुलाई तक आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले नायकों की अदम्य भावना, बलिदान और साहस का सम्मान किया जाएगा।
हर वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। यह दिन राष्ट्र के दिलों में गौरव और गंभीर यादों के साथ अंकित है। वर्ष 1999 में इसी दिन भारत ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ कर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कारगिल की चोटियों को उनके कब्जे से मुक्त कराया था, जिसके साथ ऑपरेशन विजय सफलतापूर्वक पूरा हुआ था।