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सेना को अपमानित करने वाले मंत्रियों को हटाए

कांग्रेस नेत्री सुप्रिया सुनेत्र ने प्रेस कांफ्रेंस में कर दी मांग

  • दोनों मंत्री मध्यप्रदेश के ही हैं

  • बयानों पर चुप्पी यानी मौन सहमति

  • एफआईआर से भी सरकार की सोच उजागर

नईदिल्लीः कांग्रेस ने कहा है कि मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा तथा मंत्री विजय शाह ने बहादुरी से देश की रक्षा करने वाली सेना तथा सेना के जवानों को अपमानित करने वाले बयान देने के लिए भाजपा को अपने दोनों मंत्रियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करना चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि श्री देवड़ा तथा श्री शाह ने भारतीय सेना तथा सैनिकों का अपमान करने वाले बयान दिए हैं, इसलिए इन दोनों मंत्रियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा,  हमारी सेना के लिए पूरे देश में हर व्यक्ति के मन में सम्मान है और पूरा राष्ट्र कृतज्ञ है कि सेना की वजह से ही हम सुरक्षित रह पाते हैं।

सेना के लिए मप्र के उप मुख्यमंत्री के मन में ऐसी दुर्भावना और गंदे विचार हैं, उसका किसी पद पर रहने का कोई हक नहीं है। इस बार माफी मांगने से काम नहीं चलेगा। भाजपा मूक-दर्शक बनी नहीं रहेगी और श्री मोदी छिपे नहीं रह सकते। अगर अगले कुछ घंटों में भाजपा जगदीश देवड़ा को बर्खास्त नहीं करती है तो ये मान लिया जाएगा कि सेना को अपने चरणों में नतमस्तक करने की बात श्री मोदी कह रहे हैं, उनकी मौन-सहमति और संरक्षण है।

वरना ये बात कहने की हिमाकत कोई नहीं कर सकता। प्रवक्ता ने कहा, अभी 48 घंटे भी नहीं बीते हैं, जब मंत्री विजय शाह ने देश की सबसे होनहार और वीर बेटी कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में घिनौनी टिप्पणी की थी। इस पूरे मामले में भाजपा ने मंत्री विजय शाह पर कोई कार्रवाई नहीं की। मध्य प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही, जब तक जबलपुर हाई कोर्ट ने प्राथमिकी करने का निर्देश नहीं दिया। विजय शाह पर कोर्ट के आदेश के बाद एफआरआई हुई भी तो उसकी पोल खुल गई। इससे साफ है कि भाजपा विजय शाह को बचाने में जुटी है।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर पीठ ने कल कहा था कि विजय शाह पर दर्ज एफआरआई सिर्फ और सिर्फ दिखावा है। एफआरआई में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे संज्ञेय अपराध दर्शाया जा सके। प्राथमिकी का ड्राफ्ट ही ऐसा बनाया गया ताकि आसानी से रद्द हो सके। इसमें सुधार होना चाहिए, बिना हस्तक्षेप के, बिना दबाव के इस मामले की जांच आगे बढ़ाई जाए और सुनवाई फिर से हो। ये मध्य प्रदेश की सरकार, पुलिस और भाजपा की असलियत है।

इससे पहले पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स पेज पर कहा, सेना और सैनिक किसी के चरणों में नतमस्तक है- ऐसी बात इस देश का कोई व्यक्ति कह ही नहीं सकता। क्योंकि पहलगाम हमले के बाद जिस सेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादी ठिकानों को तबाह कर दिया और पाकिस्तान की रूह कंपा दी, उस सेना के लिए ऐसा कहना पाप है, लेकिन भाजपा और उनके नेता ये काम बार-बार कर रहे हैं।