युद्धविराम के बाद सरकार को छूट देने से साफ इंकार
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खडगे और राहुल ने संसद बुलाने की मांग की थी
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पूर्व की दोनों बैठकों में नहीं थे प्रधानमंत्री मोदी
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संसद सत्र के आयोजन पर भी कोई जानकारी नहीं
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः कांग्रेस ने कहा है कि पहलगाम हमले के बाद दो बार सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है, लेकिन अब जब सर्वदलीय बैठक होगी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नहीं आए तो कांग्रेस बैठक का बहिष्कार करेगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने सोमवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पहलगाम मुद्दे पर पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठकों में प्रधानमंत्री को मौजूद रहना चाहिए था, लेकिन यदि वह अगली बैठक में नहीं आए तो कांग्रेस बैठक का बहिष्कार करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने यह घोषणा कर दी है कि अगली सर्वदलीय बैठक में श्री मोदी नहीं आए तो हम बैठक में शामिल नहीं होंगे और बाहर आ जाएंगे और बैठक का बहिष्कार करेंगें। श्री बघेल ने आतंकवाद के खिलाफ की गई कार्रवाई की सफलता से संबंधित एक सवाल पर कहा कि यदि यह सफल रहा है तो सरकार को सर्वदलीय बैठक के साथ ही संसद का विशेष सत्र बुलाना चाहिए और उसमें हमारे सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के बहुत सारे सवाल है श्री मोदी को प्रेस कांफ्रेंस, सर्वदलीय बैठक और संसद का विशेष सत्र बुलाकर इन सवालों का जवाब देना चाहिए।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, अगर ऐसा है, तो संसद का विशेष सत्र क्यों नहीं बुलाया जा रहा है? सवाल पूछे जा सकते हैं और जवाब दिए जा सकते हैं। पूरी दुनिया इसे सुन सकती है। इससे पहले ऑपरेशन सिंदूर के जारी रहने के दौरान कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों ने सरकार के साथ पूर्ण समर्थन का एलान किया था।
इस दौरान आयोजित दोनों सर्वदलीय बैठकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूरी बना रखी थी। दूसरी बैठक से निकलने के बाद कांग्रेस नेताओं ने ऐसे बैठकों में प्रधानमंत्री का होना आवश्यक बताया था। युद्धविराम से पहले और युद्धविराम के बाद भी कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि देश की संसद को संपूर्ण घटनाक्रम की औपचारिक जानकारी दी जानी चाहिए। इसके लिए नरेंद्र मोदी संसद का विशेष सत्र आयोजित करें। विपक्ष के इस अनुरोध पर भी सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गयी है।