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पीओके में सेना के साथ आतंकवादी भी अब बंकरों में

आतंकवादियों के शिविर हो रहे हैं खाली

राष्ट्रीय खबर

श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से जवाबी कार्रवाई के डर से पाकिस्तानी सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कई आतंकी लॉन्च पैड खाली करना शुरू कर दिया है और आतंकवादियों को सेना के आश्रयों और बंकरों में भेज दिया है, खुफिया सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है।

दरअसल पाक अधिकृत कश्मीर में कहां कहां पर आतंकवादियों के प्रशिक्षण शिविर हैं और कहां से उन्हें भारत में भेजा जाता है, इस पर गहन शोध किया जा रहा है। समझा जा रहा है कि यह कदम भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कई सक्रिय लॉन्च पैड की पहचान करने के तुरंत बाद उठाया गया, जिससे आतंकवादियों के ठिकानों में फेरबदल हुआ।

खुफिया इनपुट से संकेत मिलता है कि कब्जे वाले कश्मीर में केल, सरदी, दुधनियाल, अथमुकाम, जुरा, लीपा, पच्चीबन, फॉरवर्ड कहुता, कोटली, खुइरट्टा, मंधार, निकेल, चमनकोट और जानकोट सहित प्रमुख स्थानों से आतंकवादियों को स्थानांतरित किया जा रहा है। ये लॉन्च पैड पारंपरिक रूप से महत्वपूर्ण केंद्रों के रूप में काम करते हैं, जहां आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार करके जम्मू और कश्मीर में भेजे जाने से पहले तैनात किया जाता है।

अचानक से की गई इस तैनाती से यह संकेत मिलता है कि पाकिस्तान अपने आतंकी ढांचे को भारतीय निगरानी और पूर्व-आक्रमण से बचाने के लिए बेताब है, क्योंकि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद नियंत्रण रेखा पर तनाव बढ़ गया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।

सूत्रों के अनुसार, पिछले सप्ताह सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित 42 आतंकी लॉन्च पैड और प्रशिक्षण केंद्रों पर निशाना साधा, जिन्होंने यह भी खुलासा किया कि वर्तमान में लगभग 150 से 200 प्रशिक्षित आतंकवादी विभिन्न शिविरों में मौजूद हैं, जो घुसपैठ के प्रयासों के लिए तैयार हैं। इस बीच दोनों तरफ से हर रात फायरिंग का सिलसिला जारी है।

रिपोर्ट से पता चला है कि हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम), जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के कुल 60 विदेशी आतंकवादी वर्तमान में जम्मू और कश्मीर में सक्रिय हैं, साथ ही केंद्र शासित प्रदेश में 17 स्थानीय आतंकवादी भी सक्रिय हैं।

22 अप्रैल को लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) से जुड़े करीब पांच से छह आतंकवादियों ने कथित तौर पर धर्म के आधार पर पहलगाम में 26 लोगों की हत्या कर दी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। हाल के वर्षों में नागरिकों पर सबसे भयानक हमला कहे जाने वाले इस क्रूर हमले ने पूरे भारत में व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है और पाकिस्तान के साथ तनाव को और बढ़ा दिया है।