Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Nuh News: नूंह दौरे पर पहुंचे राज्यपाल असीम घोष; स्थानीय समस्याओं को लेकर दिखे गंभीर, अधिकारियों को ... Police Encounter: पंचकूला पुलिस की बड़ी कार्रवाई; करनाल में वारदात से पहले नोनी राणा गैंग के दो बदमाश... Bhiwani News: भिवानी में नशा मुक्ति केंद्र पर सीएम फ्लाइंग का छापा; बंधक बनाकर रखे गए 40 से अधिक युव... Rewari Police Action: रेवाड़ी पुलिस की बड़ी कामयाबी; डिजिटल अरेस्ट कर 1.89 करोड़ ठगने वाले 4 साइबर अ... Sonipat Police Firing: सोनीपत में पुलिस फायरिंग! INSO छात्र को गोली मारने का आरोप; तनाव के बीच जांच ... Ballabhgarh Murder Case: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की थी महिला की हत्या; बल्लभगढ़ पुलिस ने आरोप... Faridabad Viral Video: फरीदाबाद में बुजुर्ग महिला की बेरहमी से पिटाई; वकील की बेटी ने जड़े 12 थप्पड़... Hazaribagh Case: हजारीबाग में तीन लोगों की संदिग्ध मौत; जांच के लिए पहुंची राज्य अल्पसंख्यक आयोग की ... Khunti News: खूंटी में रेलवे कंस्ट्रक्शन साइट पर हमला; फायरिंग और आगजनी कर अपराधियों ने फैलाई दहशत Deoghar Crime News: देवघर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई; हथियार के साथ युवक गिरफ्तार, बड़े गैंग का हुआ ...

संसदीय समिति ने 24 को सेबी प्रमुख को बुलाया

अडाणी-हिंडनबर्ग विवाद के बीच सरकार की नई परेशानी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने देश में शीर्ष विनियामक प्राधिकरणों के कामकाज की समीक्षा करने का फैसला किया है और 24 अक्टूबर को सेबी और ट्राई के प्रमुखों को बयान के लिए बुलाया है। वित्त मंत्रालय, (आर्थिक मामलों के विभाग) और संचार मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों को भी प्रमुख संसदीय समिति के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा गया है।

सूत्रों के अनुसार भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की अध्यक्ष माधबी पुरी बुच और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के अध्यक्ष अनिल कुमार लाहोटी के प्रतिनिधि भी समिति के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार संसदीय व्यवहार में अघोषित परंपरा यह है कि जब भी बुलाया जाता है, संस्थानों के प्रमुखों को संसदीय समिति की ब्रीफिंग में उपस्थित होना पड़ता है।

इस संसदीय समिति की बैठक अमेरिकी शोध निकाय हिंडनबर्ग द्वारा सेबी अध्यक्ष माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच के खिलाफ अडाणी समूह के साथ उनके कथित संबंधों को लेकर लगाए गए आरोपों पर उठे विवाद के बीच हो रही है।

पीएसी की 24 अक्टूबर की बैठक के आधिकारिक एजेंडे में कहा गया है, वित्त मंत्रालय (आर्थिक मामलों का विभाग) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के प्रतिनिधियों द्वारा संसद के अधिनियम द्वारा स्थापित विनियामक निकायों के निष्पादन की समीक्षा विषय पर मौखिक साक्ष्य के बाद ऑडिट द्वारा ब्रीफिंग की जाएगी।

इसमें यह भी कहा गया है, संचार मंत्रालय, दूरसंचार विभाग और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण के प्रतिनिधियों द्वारा संसद के अधिनियम द्वारा स्थापित विनियामक निकायों के निष्पादन की समीक्षा’ विषय पर मौखिक साक्ष्य।

कांग्रेस ने इससे पहले अगस्त में हिंडनबर्ग द्वारा सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन किया था, जिन्होंने किसी भी गलत काम से इनकार किया है।

कांग्रेस ने सेबी प्रमुख के पद से उनके इस्तीफे की भी मांग की। हिंडनबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि बुच के पास अडाणी समूह की कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी अपतटीय संस्थाओं में हिस्सेदारी है। हिंडेनबर्ग ने यह भी कहा कि अडाणी पर अपनी रिपोर्ट के 18 महीने बाद भी सेबी ने अडाणी के खिलाफ आरोपों में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। अडाणी समूह और बुच जोड़ी ने आरोपों से इनकार किया है।