Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
टीवी बनाम सोशल मीडिया के अंतर्विरोध और कागजी आंकड़ों का खेल पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण में भी रिकार्ड मतदान तमिलनाडु एग्जिट पोल में रेस का काला घोड़ा नया है West Bengal Election Results 2026: 4 मई को आएंगे नतीजे; 77 केंद्रों पर होगी 294 सीटों की मतगणना, सुर... देश के चुनावों में फिर से मोदी का जलवा कायम रहेगा Delhi Ration Card: दिल्ली में हर शनिवार लगेगा जन सुनवाई कैंप; राशन कार्ड की समस्याओं का होगा ऑन-द-स्... अब मोदी की नकल करने में जुटे अमेरिकी राष्ट्रपति भी Hajj Yatra 2026: हज यात्रियों के किराए पर छिड़ी जंग; 10 हजार की बढ़ोतरी को सरकार ने बताया 'राहत', जा... चार सैनिकों के खिलाफ सैन्य अदालत में मुकदमा Election Counting 2026: सुरक्षा में कोई चूक नहीं! काउंटिंग सेंटर्स पर QR कोड सिस्टम लागू, बिना डिजिट...

गर्मी से मुक्ति मिलने के आसार नजर आने लगे

दक्षिण-पश्चिम मानसून अब झारखंड की सीमा तक आ पहुंचा

हैदराबाद: दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य अरब सागर, दक्षिण महाराष्ट्र, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण छत्तीसगढ़ और दक्षिण ओडिशा के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को यह जानकारी दी। मौसम विभाग ने यहां एक दैनिक मौसम रिपोर्ट में कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले दो से तीन दिनों में मध्य अरब सागर के बाकी हिस्सों, महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों (मुंबई सहित) और तेलंगाना में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।

इसके प्रभाव से तेलंगाना के विकाराबाद, महबूबनगर, वानापर्थी और नारायणपेट जिलों में अलग-अलग स्थानों पर अगले 24 घंटों में भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों में राज्य में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बारिश होने, बिजली कड़कने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

इसके अलावा अगले सात दिनों में तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। राज्य के वानापर्थी जिले में पिछले 24 घंटों में छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश हुई। इसके अलावा तेलंगाना में एक या दो स्थानों पर बारिश हुई।

ताजा सैटेलाइट चित्रों से पता चलता है कि झारखंड की सीमा पर गुमला के पास तक बादलों का जमावड़ा है और वे घूमते हुए आगे बढ़ रहे हैं। मॉनसून के आकलन के मुताबिक अगले दो दिनों में रांची सहित अन्य इलाकों में बारिश हो सकती है। इससे भीषण गर्मी की स्थिति से भी लोगों को मुक्ति मिल सकती है। अंबिकापुर और कोरबा के इलाके में बारिश के साथ साथ बिजली कड़कने के भी स्पष्ट संकेत सैटेलाइट चित्रों से मिल रहे हैं जबकि इस बार गुमला के करीब एकत्रित बादलों से अब तक बिजली कड़कने की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।