Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
इंडिया गठबंधन को और मजबूत करना होगाः खड़गे Ayodhya Ram Mandir Dispute: राम मंदिर ट्रस्ट पर अखिलेश के आरोपों से मचा सियासी घमासान; ब्रजेश पाठक क... Visakhapatnam Steel Plant Accident: विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में दर्दनाक हादसा; पिघला हुआ स्टील गिर... प्रधानमंत्री मोदी के कार्यालय में 12 वर्ष पूरे हुए Delhi DDMA Meeting: दिल्ली फायर सर्विस में भर्ती होंगे पूर्व अग्निवीर; LG संधू ने मानसून और सुरक्षा ... बोको हराम के चंगुल से 360 बंधक मुक्त ब्यूफोर्ट कैसल के नीचे हिजबुल्ला का सुरंग नेटवर्क वोवचा नदी पार करने का रूसी अभियान विफल होने का दावा Delhi Hotel Fire Case: मालवीय नगर अग्निकांड में बड़ा अपडेट; होटल अकाउंटेंट ने किया कोर्ट में सरेंडर ऑस्ट्रेलियाई अरबपति ने दिया 10 मिलियन डॉलर का दान

इंडिया गठबंधन को बचाने में सक्रिय लालू प्रसाद

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः इंडिया गठबंधन को बचान के लिए लालू प्रसाद फिर से सक्रिय हो गये हैं। इस बारे में श्री प्रसाद ने कहा, भाजपा विरोधी गठबंधन इंडिया की अगली बैठक 17 दिसंबर को होगी। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद गठबंधन की बैठक को लेकर कांग्रेस और तृणमूल सहित कुछ सहयोगी दलों के बीच तनाव के संदर्भ में लालू की टिप्पणी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संयुक्त नेतृत्व को 6 दिसंबर को बैठक करने का संदेश भेजा था। लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि वह बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगी। उत्तर बंगाल में उनका पूर्व निर्धारित कार्यक्रम है। सूत्रों के मुताबिक, तृणमूल के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी इसी कारण से बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सपा प्रमुख अखिलेश यादव यहां तक ​​कि झारखंड के मुख्यमंत्री और जेएमएम नेता हेमंत सोरेन भी शामिल नहीं हो सकेंगे। ऐसे में कांग्रेस को बैठक रद्द करनी पड़ी। पार्टी के एक सूत्र के मुताबिक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की अकेले चलो वाली भूमिका से ममता, अखिलेश, नीतीश, अरविंद केजरीवाल नाराज हैं। दरअसल, ममता, अखिलेश पहले ही सार्वजनिक रूप से यह बात कह चुके हैं। ऐसे में लालू भाजपाविरोधी गठबंधन को बचाने के लिए सक्रिय हो गये।

बता दें कि इंडिया गठबंधन की एक बैठक के बाद लालू प्रसाद ने राहुल गांधी को विवाह कर दुल्हा बनने की बात कहने के क्रम में यह भी कहा था कि बाकी लोग बाराती बनेंगे। उस वक्त ऐसा समझा गया था कि यह बात हंसी मजाक में कही गयी थी। अब फिर से उनके सक्रिय होने तथा इंडिया गठबंधन को बचाने की कवायद से यह साफ हो रहा है कि वह वाकई राहुल गांधी के नेतृत्व को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाना चाहते हैं। हिंदी पट्टी के तीन राज्यों में कांग्रेस की विफलता के बाद इस प्रयास को कितनी सफलता मिलेगी, यह कहना अभी मुश्किल है।