Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Gwalior JAH Hospital News: जया आरोग्य अस्पताल में पार्किंग के नाम पर खुली लूट; खुद अस्पताल के डॉक्टर... Gwalior Coaching Fire Safety: ग्वालियर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा राम भरोसे; केवल 3 के पास फायर... MP UCC Draft: मध्य प्रदेश में 10 दिन में तैयार होगा समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट; जानें आदिवासियों ... Gwalior News: डीएलएड परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी का खुलासा; चाचा दे रहा था भतीजे की जगह परीक्षा, प... Terror Module Exposed: भोपाल एटीएस की बड़ी कार्रवाई; 'लोन वुल्फ' मॉड्यूल तैयार करने वाले सरगना की रिम... Mephedrone Drugs Network: भोपाल में ड्रग्स बनाने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़; हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी ... Seoni Jumbo Sitaphal GI Tag: सिवनी के सीताफल को मिला GI टैग; अब दुनिया भर में बिखेरेगा अपने स्वाद का... Madhya Pradesh Crime: टमाटर बेचने वाले से बहस पड़ गई भारी, लाठी-डंडों से लैस होकर घर में घुसकर की मार... Haryana Corruption Case: 504 करोड़ के बैंक घोटाले में आईएएस पंकज अग्रवाल पर सीबीआई का शिकंजा; 17 आरो... Jharkhand Rajya Sabha Election: इंडिया गठबंधन में बढ़ा घमासान; राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के ...

मुख्यमंत्री कार्यालय पर भीड़ ने किया हमला, 5 सुरक्षाकर्मी घायल

  • घायलों को पचास हजार अनुग्रह राशि की घोषणा

  • अंदर मुख्यमंत्री सांगमा जरूरी बैठक कर रहे थे

  • किसी को नहीं पता कि यह हमलावर कौन थे

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी : पश्चिमी मेघालय के तुरा शहर में सोमवार को उत्तेजित भीड़ ने मुख्यमंत्री सचिवालय पर हमला कर दिया जिसमें कम से कम पांच पुलिस कर्मी घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सी. के. संगमा कार्यालय में मौजूद थे और अचिक कॉन्शियस होलिस्टकली इंटीग्रेटेड करिमा (एसीएचआईके) और गारो हिल्स स्टेट मूवमेंट कमेटी (जीएचएसएमसी) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर रहे थे जिन्होंने तुरा को शीतकालीन राजधानी घोषित करने की मांग की है। उसी दौरान कार्यालय के बाहर भीड़ जमा हो गई और पत्थरबाजी शुरू कर दी।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठी चार्ज किया। इस दौरान कुछ पुलिस कर्मी घायल हो गए। इस हमले में मुख्यमंत्री संगमा सुरक्षित हैं, लेकिन उनके पांच सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। हालात संभालने के लिए तुरा शहर में रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाना पड़ा। हमले के वक्त संगमा अचिक कॉन्शियस होलिस्टिकली इंटीग्रेटेड क्रिमा और गारो हिल्स स्टेट मूवमेंट कमेटी के प्रतिनिधियों से बातचीत कर थे।

दोनों संगठन के कुछ सदस्य पिछले 14 दिन से तुरा को विंटर कैपिटल बनाने की मांग करने के लिए अनशन पर हैं। मुख्यमंत्री की बातचीत करीब-करीब पूरी हो गई थी तभी अचानक भीड़ आई और पथराव करने लगी। इससे हड़कंप मच गया। पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। भीड़ ने मुख्यमंत्री कार्यालय का गेट तोड़ने की भी कोशिश की।

मुख्यमंत्री संगमा ने हिंसा में घायल सुरक्षाकर्मियों का हालचाल जाना। संगमा ने घायल सुरक्षाकर्मियों के लिए 50 हजार रुपये की मदद और इलाज का खर्च देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने कहा है यह हमला दुर्भाग्यपूर्ण है। इन संगठनों के प्रतिनिधि भी नहीं जानते कि हमलावर कौन हैं। यह बाहर से आए हुए लोग थे। इनका पता लगाया जा रहा है।

बाद में पुलिस  जांच में पता चला है कि इस हमले में टीएमसी और भाजपा के कुछ लोग शामिल थे। पुलिस का कहना है कि एक साजिश के तहत योजना बनाकर ही मुख्यमंत्री कार्यालय में अचानक यह हमला किया गया है।