Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Haryana Employees Update: सरकारी विभागों में कार्यरत अंशकालिक कर्मचारियों के लिए नई योजना; 3 लाख रुप... Haryana Medical Reimbursement News: हरियाणा में कर्मचारियों की मेडिकल प्रतिपूर्ति सीमा 9,000 हुई, ले... Barnala Election Violence: बरनाला में निगम चुनाव के दौरान हिंसक झड़प; भाजपा उम्मीदवार के पति पर ईंट-प... Ludhiana Stunt Bikers: स्टंटबाजी करना पड़ा महंगा; वायरल वीडियो के बाद ट्रैफिक पुलिस ने दो युवकों के क... Punjab Election Violence: समाना के वार्ड नंबर 10 में बवाल; पत्रकारों से मोबाइल छीने, सीसीटीवी तोड़ने ... Missing Army Jawan Gurdaspur: असम में ड्यूटी पर जा रहा आर्मी जवान जसविंदर कुमार 17 मई से लापता; परिव... Ludhiana Central Jail News: लुधियाना जेल में कैदियों का तांडव; हवालाती पर नुकीली वस्तु से जानलेवा हम... Road Safety Alert: हाईवे पर निर्माण सामग्री छोड़ना बन रहा जानलेवा; ट्रक चालक ने बयां किया हादसे का खौ... Ludhiana Warehouse Fire: धू-धू कर जला प्लाईवुड का गोदाम; आसमान में दिखा काले धुएं का गुबार Canada Extortion Network: कनाडा में 'Four Brothers' गिरोह का पर्दाफाश; 17 पंजाबी युवक गिरफ्तार, करोड़...

गोप के बाद क्या कोई पुलिस उच्चाधिकारी भी फंसेगा

  • बंगाल के गेस्ट हाउस का नाम रिकार्ड में

  • भाजपा नेता के संपर्क में था अपराधी

  • सिर्फ एक कनीय अधिकारी दंडित हुआ

राष्ट्रीय खबर

रांचीः बहुचर्चित नक्सली और पीएलएफआई सुप्रीमो को नेपाल से गिरफ्तार कर लिया गया। उससे केंद्रीय और राज्य की एजेंसियों भी पूछताछ कर रही है। इस गिरफ्तारी में एनआईए की टीम के शामिल होने की वजह से यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि पहले की कोयला तस्करी में जिन लोगो के नाम आये थे, क्या उनमें शामिल एक पुलिस उच्चाधिकारी भी इसकी लपेट में आ जाएंगे।

वैसे जांच के बारे में एजेंसियों ने चुप्पी बरती है और यह सामान्य नियम भी है। दिनेश गोप कैसे गिरफ्तार हुआ, इस बारे में भी ज्यादा सुराग हासिल नहीं हो पाया है। दूसरी तरफ इस बात की चर्चा चौक चौराहों पर है कि एक भाजपा नेता से उनके संबंधों की वजह से वह अंततः पुलिस के निशाने पर आ गया था।

दूसरी तरफ अन्य सूत्रों का दावा है कि पहले गिरफ्तार किये गये उसके सहयोगियों ने ही जुबान खोली है। वैसे उसके सहयोगियों ने पुलिस की उसके बारे में जानकारी दी है, इसकी कम संभावना है।

अगर ऐसा हुआ होता तो महाराष्ट्र के नागपुर के पास मध्यप्रदेश के इलाके में उसने जो कारोबार फैलाया था, उसकी जानकारी भी सार्वजनिक हो चुकी होती। इसके बीच ही खेलारी और चतरा के इलाके से होने वाली कोयला की तस्करी में जो लोग पहले ही एनआईए के निशाने पर आ गये थे,उनके साथ दिनेश गोप के गिरोह का संबंध स्थापित होने पर भी चुप्पी है।

याद दिला दें कि काफी अरसा पहले जब कोयला तस्करी पर कार्रवाई हुई थी तो एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का नाम भी जांच के दौरान सामने आ गया था। एनआईए के जांच अधिकारियों को भी इस बात की जानकारी मिल गयी थी कि उक्त अधिकारी का पश्चिम बंगाल के एक खास गेस्ट हाउस में आना जाना था। मामला अधिक तूल पकड़े, उससे पहले ही मामले से उस अधिकारी को हटा दिया गया, जो उक्त पुलिस अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई करने पर अड़ गये थे।

अब दिनेश गोप की गिरफ्तारी के बाद उसके साथ किन नेताओं के संबंध थे अथवा हैं, इसका खुलासा होना शेष है। वैसे समझा जाता है कि एक बहुत बड़े इलाके में अपना वर्चस्व कायम करने में सफल दिनेश गोप को यूं ही कामयाबी नहीं मिली है।

यह अलग बात है कि उसके साथ संपर्क में होने की वजह से खूंटी के एक कनीय पुलिस अधिकारी को हाल ही में दंडित किया गया है। दूसरी तरफ सेवानिवृत्त हो चुके पुलिस उच्चाधिकारी का नाम भी अगर इस मामले में आ गया तो यह नया पेंच फिर से उलझ जाएगा। वैसे भाजपा नेताओं में से कौन कौन दिनेश गोप के संपर्क में थे, उनकी तरफ से अब परोक्ष सफाई सार्वजनिक चर्चा में आने लगी है।